12th Commerce Ke Baad Kya Kare? डिग्री, डिप्लोमा या कंप्यूटर कोर्स

तो आपने अपना 12th वाणिज्य (commerce) स्ट्रीम से किया है और आपको कन्फ्यूजन है कि 12th commerce ke baad kya kare? तो सुकून से इस ब्लॉग पोस्ट को पूरा पढ़िए. इसमें आपको 12वीं के बाद कॉमर्स में करियर को विस्तार से बताया गया है.

कुछ लोग समझते हैं कि बारहवीं कॉमर्स के बाद सिर्फ बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में ही नौकरी मिलती है, इसलिए वे अक्सर पूछते रहते हैं कि बैंकिंग के लिए बारहवीं कॉमर्स के बाद क्या करना है? तो मेरे भाई बैंकिंग में जाना चाहते हैं तब तो ठीक है, वरना बैंकिंग के अलावा भी बहुत सारे अच्छे विकल्प हैं. आप 12वीं कॉमर्स के बाद प्रोफेशनल कोर्स करके मल्टीनेशनल कंपनी (MNCs) में भी जॉब पा सकते हैं. 

इस पोस्ट में हमलोग विस्तार से जानेंगे कि 12th commerce ke baad kya kare? जिसके अंतर्गत 12th commerce ke baad govt job, बैचलर डिग्री, डिप्लोमा, कंप्यूटर कोर्स आदि जानेंगे. एवं अंत 12वीं कॉमर्स के बाद क्या करें? से जुड़ा कुछ FAQs भी देखेंगे. 

12th Commerce Ke Baad Kya Kare – बैचलर डिग्री


अगर आप 12वीं साइंस, आर्ट्स तथा कॉमर्स के बाद किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के (बैचलर, डिप्लोमा, पैरामेडिकल, एवं कंप्यूटर) कोर्स, सरकारी परीक्षा एवं नौकरी के बारे में विस्तार से जानना चाहते है. तो आप हमारा eBook खरीद सकते है.

इस ईबुक में 12वीं के तीनों स्ट्रीम के बाद किए जाने वाले कोर्स और सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार से बताया गया है. इस इबूक के बारे में विस्तार से पढ़ें (learn more)…


12th Commerce के बाद प्रमुख बैचलर डिग्री निम्नलिखित है:

12th Commerce Ke Baad Kya Kare

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) 

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA), बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज (BBS), बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (BBM) और बैचलर आफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS). ये चारों ही मिलता-जुलता प्रोफेशनल कोर्स है. यानी इस कोर्स को करने के बाद अन्य कोर्स की तुलना में नौकरी पाना आसान होता है. 

BBA, BBM, BBS और BMS में से BBA सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है. इसकी अवधि 3 साल होती है. जिसमें से इसके फाइनल ईयर में आपको एक इंटर्नशिप (internship) करना होता है. 

बीबीए में एडमिशन लेने के लिए स्ट्रीम की कोई पाबंदी नहीं होती है. यानी इस कोर्स को 12वीं आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों स्ट्रीम वाले कर सकते है.

बीकॉम की तरह बीबीए भी दो प्रकार का होता है:

  1. जनरल बीबीए
  2. बीबीए स्पेशलाइजेशन

General BBA में मैनेजमेंट, इकोनॉमिक्स, अकाउंटिंग, बिजनेस लॉ, कंप्यूटर फंडामेंटल्स, डाटाबेस मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन स्किल आदि विषय पढ़ाएं जाते है. 

वहीं अगर BBA Specialization की बात करें तो इसमें उसी विषय पर ज्यादा जोर दिया जाता है जिसमें आप स्पेशलाइजेशन कर रहे हैं.

कुछ प्रमुख बीबीए स्पेशलाइजेशन निम्नलिखित है:

  • बीबीए इन अकाउंटिंग
  • बीबीए इन एंटरप्रेन्योरशिप
  • बीबीए इन मैनेजमेंट
  • बीबीए इन इंटरनेशनल बिजनेस
  • बीबीए इन मार्केटिंग
  • बीबीए इन ग्लोबल बिजनेस, आदि

ज्यादातर कॉलेज में मेरिट के आधार पर बीबीए में एडमिशन मिलता है तो वहीं कुछ अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ सकता है.

बैचलर ऑफ कॉमर्स एंड बैचलर ऑफ लेजिसलेटिव लॉ (B.Com LLB)

अगर आपको कानून में रुचि है और इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए बीकॉम एलएलबी एक बहुत ही अच्छा विकल्प है. जैसा कि नाम से ही लग रहा है की इस एक कोर्स में दो कोर्स सम्मिलित है. तो ऐसे कोर्स को इंटीग्रेटेड कोर्स कहा जाता है. इस कोर्स की अवधि 5 साल होती है. 

इस कोर्स में क्लैट (CLAT) या स्टेट लेवल लॉ एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर एडमिशन मिलता है. वैसे अगर हम सिर्फ एलएलबी की बात करें तो ये एक स्नातक स्तरीय लॉ कोर्स है. जिसमें आप ग्रेजुएशन के बाद ही क्लैट या इस जैसी अन्य कोई लॉ परीक्षा देकर एडमिशन ले सकते हैं.

भारत के कुछ प्रमुख बीकॉम एलएलबी कॉलेज निम्नलिखित है:

  • क्रिस्तु जयंती कॉलेज ऑफ लॉ, बैंगलोर
  • सेंट जोसेफ लॉ कॉलेज, बैंगलोर
  • UPES, देहरादून
  • एमिटी लॉ स्कूल, नोएडा
  • क्रिस्ट अकैडमी इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज, बेंगलुरु
  • MIT WPU स्कूल ऑफ लॉ, पुणे
  • बीएमएस कॉलेज ऑफ लॉ, बेंगलुरु
  • स्कूल ऑफ लॉ – गीतम यूनिवर्सिटी, विशाखापट्टनम
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर

इस कोर्स को करने के बाद आप लीगल मैनेजर, सब मजिस्ट्रेट, एचआर मैनेजर, एडवोकेट, आदि बन सकते हैं .

बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA)

आप 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम से तो किए हैं पर अगर दिल फिर भी कंप्यूटर कोर्स की तरफ अटका है, तो आप ये कोर्स कर सकते हैं. ये 3 साल का एक अंडर ग्रेजुएट लेवल का डिग्री कोर्स है. 

बीसीए में आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (जैसे जावा, C++, वेब डेवलपमेंट, कंप्यूटर एप्लीकेशन, डेटाबेस मैनेजमेंट, वेब डिजाइनिंग, आदि) सिखाया जाता है. 

इस कोर्स को आप विदेश के कॉलेज/ यूनिवर्सिटी से भी कर सकते हैं जिसके लिए आपको आईएल्ट्स (IELTS), TOEFL, आदि जैसा इंग्लिश टेस्ट देना होगा.

BCA के लिए प्रमुख कॉलेज या यूनिवर्सिटी

बीसीए के लिए प्रमुख कॉलेज या यूनिवर्सिटी निम्नलिखित है:

  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु 
  • स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय 
  • लोयोला कॉलेज, चेन्नई 
  • डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ 
  • यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया 
  • सिंबोसिस इंस्टीट्यूट आफ कंप्यूटर स्टडीज एंड रिसर्च

बीसीए करने के बाद आप कंप्यूटर प्रोग्रामर, सॉफ्टवेयर टेस्टर, वेब डेवलपर, सिस्टम सिक्योरिटी ऑफिसर, नेटवर्क एडमिनिस्टर,आदि के रूप में जॉब पा सकते है.

बैचलर ऑफ अकाउंटिंग एंड फाइनेंस (BAF)

आप अगर बीकॉम ऑनर्स करेंगे तो अकाउंटिंग या फाइनेंस में से किसी एक विषय में ही स्पेशलाइजेशन कर पाएंगे. परंतु बीएफ इन दोनों विषय में आपका स्पेशलाइजेशन करवा देता है. तथा बीएएफ की तुलना में ये ज्यादा जॉब ओरिएंटेड कोर्स है.

यह 12वीं कॉमर्स के बाद एक बैचलर डिग्री कोर्स है, जिसकी अवधि 3 साल होती है. इस कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं साइंस या कॉमर्स से 50% अंक के साथ किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास होना अनिवार्य है. 

बैचलर आफ अकाउंटिंग एंड फाइनेंस करने के बाद आपको निम्नलिखित जॉब मिल सकता है. 

  • मार्केट एग्जीक्यूटिव 
  • मार्केट रिसर्च एनालिस्ट 
  • सेल्स एग्जीक्यूटिव 
  • हुमन रिसोर्स मैनेजर 
  • बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव

इस कोर्स को करने के बाद आपकी सैलरी ₹ 2 लाख से लेकर ₹ 6 लाख प्रतिवर्ष हो सकती है. 

चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA)

चार्टर्ड अकाउंटेंसी 5 साल का एक बैचलर डिग्री प्रोग्राम है. यह कोर्स इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित किया जाता है. इस कोर्स में आपको ऑडिटिंग, टैक्सेशन और एकाउंटिंग सिखाई जाती है.

इस कोर्स में तीन सीए स्तर लेवल होते हैं जो निम्नलिखित है:

  • सीए फाउंडेशन 
  • सीए इंटरमीडिएट 
  • सीए फाइनल 

सीए में एडमिशन के लिए आपको कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट (CPT) देना होता है. यह परीक्षा प्रत्येक वर्ष जून और दिसंबर में होता है. 

भारत में प्रमुख सीए इंस्टीट्यूट

भारत में प्रमुख सीए इंस्टीट्यूट निम्नलिखित है:

  • नॉर्थन इंडिया रीजनल काउंसिल ऑफ आईसीएआई 
  • एकेडमी ऑफ कॉमर्स 
  • द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया 
  • पियरल कॉलेज, कोच्चि
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फाइनेंस एंड अकाउंट्स, पुणे 
  • चाणक्य एकेडमी फॉर मैनेजमेंट एंड प्रोफेशनल स्टडीज 

सीए करने के बाद आपको निम्नलिखित जॉब रोल मिल सकता है:

  • कंसल्टेंट्स 
  • ऑडिटर्स 
  • फाइनेंशियल मैनेजर 
  • अकाउंटेंट 
  • बैंकर 
  • टैक्सेशन कंसलटेंट, आदि

बारहवीं कॉमर्स के बाद सर्टिफिकेट कोर्स 

बारहवीं कॉमर्स के बाद दो महत्वपूर्ण सर्टिफिकेट कोर्स निम्नलिखित हैं: 

  1. कंपनी सेक्रेट्री (CS) 
  2. कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटिंग (CMA) 

कंपनी सेक्रेटरी (CS)

आपको अगर कॉरपोरेट वर्ल्ड में एक आकर्षक नौकरी चाहिए तो ये कोर्स आपके लिए उपयुक्त है. ये एक सर्टिफिकेट कोर्स है, जिसे किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास विद्यार्थी कर सकते हैं. इस कोर्स को प्रत्येक वर्ष दो बार (जून और दिसंबर) में इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया आयोजित करवाती है.

Company Secretary कोर्स तीन प्रोग्राम में बटा हुआ है:

  1. फाउंडेशन प्रोग्राम
  2. एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम
  3. प्रोफेशनल प्रोग्राम 

इसमें फाउंडेशन प्रोग्राम का कोर्स 8 महीने का होता है, जिसकी फीस ₹3,600 है. एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम 9 महीने का होता है जिसकी फीस ₹7,000 है. तथा प्रोफेशनल प्रोग्राम 10 महीने का होता है जिस की फीस ₹12,000 होती है.

सीएस कोर्स करने के बाद आप लीगल एडवाइजर, कॉरपोरेट पॉलिसी मेकर, प्रिंसिपल सेक्रेट्री, असिस्टेंट मैनेजर, आदि बन सकते हैं.

कंपनी सेक्रेट्री कोर्स करने के बाद फ्रेशर को ₹28,000 से ₹40,000 प्रति महीने की सैलरी मिल सकती है. जो अनुभव के साथ बढ़ती रहती हैं.

कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटिंग (CMA)

कॉमर्स के विद्यार्थियों के बीच ये एक बहुत ही प्रसिद्ध कोर्स है. सीएस की तरह ये भी एक सर्टिफिकेट कोर्स है, जिसकी अवधि 3 से 4 वर्ष होती है. भारत में यह कोर्स इंस्टिट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित किया जाता है. 

सीए और सीएस की तरह सीएमए कोर्स के भी तीन स्टेज (level) होते हैं:

  1. सीएमए फाउंडेशन लेवल 
  2. सीएमए इंटरमीडिएट लेवल 
  3. सीएमए फाइनल लेवल

सीएमए कोर्स के फाउंडेशन लेवल की फीस ₹6,000 इंटरमीडिएट लेवल के ₹23,000 तथा फाइनल लेवल की फीस ₹25,000 होती है. 

CMA कोर्स करने के बाद आप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO), फाइनेंशियल एनालिस्ट, कॉरपोरेट कंट्रोलर, फाइनेंशियल कंट्रोलर, चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर, इंटरनल ऑडिटर, कॉस्ट अकाउंटेंट, फाइनेंस मैनेजर, आदि बन सकते हैं.

12th Commerce Ke Baad Diploma Courses

ट्वेल्थ कॉमर्स के बाद प्रमुख डिप्लोमा कोर्स निम्नलिखित है:

  • डिप्लोमा इन फाइनेंसियल एकाउंटिंग
  • डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन 
  • डिप्लोमा इन मैनेजमेंट 
  • डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस 
  • डिप्लोमा इन डिजिटल मार्केटिंग 
  • डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट 
  • डिप्लोमा इन अकाउंटिंग एंड फाइनेंस 
  • डिप्लोमा इन बिजनेस मैनेजमेंट 
  • डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन 
  • डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सेफ्टी

12वीं कॉमर्स के बाद कंप्यूटर कोर्स 

बारहवीं कॉमर्स के बाद प्रमुख कंप्यूटर कोर्स निम्नलिखित है:

  • टैली ईआरपी कोर्स 
  • बीकॉम इन कंप्यूटर एप्लीकेशंस 
  • डिजिटल बैंकिंग 
  • ग्राफिक डिजाइनिंग 
  • सर्टिफिकेट इन कंप्यूटराइज्ड अकाउंटिंग 
  • बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन 
  • डिजिटल मार्केटिंग 
  • डाटा एंट्री ऑपरेटर कोर्स
  • ई-कॉमर्स 
  • MS Office

12th Commerce Ke Baad Govt Job

12th Commerce के बाद प्रमुख सरकारी नौकरी निम्नलिखित है:

  • भारतीय सेना (Indian Army) 
  • भारतीय नौसेना (Indian Navy) 
  • भारतीय वायु सेना ( Indian Air Force)
  • इंडियन कोस्ट गार्ड 
  • लोअर डिविजन क्लर्क (LDC)
  • अपर डिविजन क्लर्क 
  • फॉरेस्ट गार्ड 
  • क्लर्क 
  • एसएससी स्टेनोग्राफर 
  • पुलिस कांस्टेबल 
  • कंपनी सेक्रेट्री

12th Commerce Ke Baad Kya Kare – निष्कर्स

ज्यादातर लोग 12वीं कॉमर्स के बाद बैचलर डिग्री करना पसंद करते है, क्योंकि इसके बाद करियर के अधिक विकल्प मौजूद होते है. कई सारे स्नातक स्तरीय कोर्स करने के साथ-साथ आप बहुत सारे प्रतियोगिता परीक्षा देने के लिए भी पात्र (eligible) हो जाते है. 

कंपनी सेक्रेटरी (CS) और कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटिंग (CMA) दो प्रमुख सर्टिफिकेट कोर्स है जो आप 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम से पास करने के बाद कर सकते है. इसके अलावा कई सारे डिप्लोमा कोर्स भी मिल जाएंगे. जिसे करने के बाद आप तुरंत नौकरी पा सकते है.

आपका अगर कंप्यूटर के क्षेत्र में ज्यादा रुचि है तो आप 12वीं के बाद कंप्यूटर कोर्स भी कर सकते है. भारत में कई सारे इंस्टीट्यूट है जहां से आप ये कोर्स कर सकते है. वहीं अगर आप सरकारी नौकरी पाना चाहते है तो आपको कुछ कंपेटिटीव एग्जाम निकालना होगा तथा इसके अलावा आपका फिजिकल टेस्ट भी हो सकता है.


अगर आप 12वीं साइंस, आर्ट्स तथा कॉमर्स के बाद किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के (बैचलर, डिप्लोमा, पैरामेडिकल, एवं कंप्यूटर) कोर्स, सरकारी परीक्षा एवं नौकरी के बारे में विस्तार से जानना चाहते है. तो आप हमारा eBook खरीद सकते है.

इस ईबुक में 12वीं के तीनों स्ट्रीम के बाद किए जाने वाले कोर्स और सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार से बताया गया है.


उम्मीद है कि आपको ये पोस्ट 12th commerce ke baad kya kare? उपयोगी लगा होगा. इसमें बताए गए किसी भी कोर्स या नौकरी के बारे में अगर विस्तार से जानना हो तो कमेंट में जरूर बताएं. एवं इस पोस्ट को 12वीं कॉमर्स के विद्यार्थीयों के साथ शेयर करें ताकि वे ट्वेल्थ कॉमर्स के बाद अपने लिए एक अच्छा करियर चुन सके.

12th Commerce Ke Baad Kya Kare – FAQs 

CBSE 11वीं के अर्थशास्त्र का वाणिज्य व कला वर्ग का पाठ्यक्रम एक ही है या अलग अलग है?

अलग-अलग है.

12वीं वाणिज्य की बुक्स

12वीं वाणिज्य (commerce) के लिए प्रमुख किताब (books) निम्नलिखित है:

लेखाशास्त्र (Accountancy)
अर्थशास्त्र (Economics)
व्यवसाय अध्ययन (Business Studies)

मैं जानना चाहता हूं कि वाणिज्य का छात्र एनसीसी अधिकारी बनता है?

हां, इसके लिए स्ट्रीम की कोई शर्त नहीं है.

12वीं वाणिज्य सब्जेक्ट

लेखाशास्त्र (Accountancy)
अर्थशास्त्र (Economics)
व्यवसाय अध्ययन (Business Studies)
इनफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज/ मैथमेटिक्स
इंग्लिश
फिजिकल एजुकेशन (ऑप्शनल)

क्या वाणिज्य वाले फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा दे सकते है?

हां, किसी भी स्ट्रीम वाले फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा दे सकते है.

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