BPSC Syllabus in hindi _ बीपीएससी सिविल सेवा पाठयक्रम 2022

BPSC बिहार राज्य की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन सरकारी परीक्षा है. लेकिन अगर आप इसके पाठ्यक्रम को अच्छे से समझकर उनके अनुसार बीपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते है तो पहले प्रयास (first attempt) में ही इस एग्जाम को पास कर सकते हैं. तो आइए विस्तार से BPSC Syllabus in hindi जानते हैं.

बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) द्वारा बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (BPSC CCE) का पाठ्यक्रम जारी किया जाता है. 

इस ब्लॉग पोस्ट में हमलोग बीपीएससी पाठ्यक्रम (BPSC syllabus in hindi) विस्तार से जानेंगे एवं इसके अलावा अंत में इससे जुड़ा FAQs भी देखेंगे.

BPSC Syllabus in hindi

UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तरह ही बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (BPSC Combined Competitive Exam _ BPSC CCE) भी तीन चरणों में आयोजित होती है.

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
  2. मुख्य परीक्षा (Mains)
  3. साक्षात्कार (Interview)

इसके प्रीलिम्स में सिर्फ एक ही पेपर होते हैं सामान्य अध्ययन (General Studies). जबकि मैंस में चार पेपर होते हैं. इन चारों पेपर का नाम है :

  1. सामान्य हिंदी
  2. सामान्य अध्ययन- पत्र 1
  3. सामान्य अध्ययन- पत्र 2
  4. वैकल्पिक विषय

प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य विज्ञान, सामान्य भूगोल और सामान्य मानसिक योग्यता को जाँचने वाला प्रश्न होता है. ये पेपर सिर्फ क्वालीफाइंग मात्र होता है.

Studying - BPSC Syllabus in hindi

मुख्य परीक्षा के सामान्य हिंदी के पेपर में निबन्ध, व्याकरण, वाक्य विन्यास और संक्षेपण से प्रश्न होते हैं. 

इसके सामान्य अध्ययन- पत्र 1 (GS 1) के पेपर में भारत का आधुनिक इतिहास एवं भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय महत्व का वर्तमान घटना चक्र, और सांख्यिकी विश्लेषण आरेखन एवं चित्रण से प्रश्न आते है.

सामान्य अध्ययन- पत्र 2 (GS 2) के पेपर में भारतीय राज्य व्यवस्था, भारतीय अर्थ व्यवस्था तथा भारत का भूगोल, और भारत के विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका तथा प्रभाव से प्रश्न आते हैं.

बीपीएससी मुख्य परीक्षा का अंतिम पेपर ऐच्छिक विषय का होता है. इसमें विभिन्न भाषाओं के साहित्य सहित कुल 34 विषय होते हैं, जिसमें से आपको कोई एक विषय चुनना होता है.

अंतिम चरण में साक्षात्कार होता है जिसे पर्सनेलिटी (Personality) टेस्ट भी कहां जाता हैं.

आइए अब विस्तार से BPSC पाठ्यक्रम (BPSC syllabus in hindi) जानते हैं.

BPSC Pre Syllabus in hindi

प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन के पेपर में कुल 150 प्रश्न होते हैं. प्रत्येक प्रश्न 1 अंक होता है. यानी ये पेपर 150 अंक होता है. इसमें सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ एवम् बहुविकल्पीय (MCQs) प्रकार के होते है. प्रत्येक प्रश्न के लिए इसमें पांच विकल्प होते हैं.

BPSC की प्रीलिम्स परीक्षा दो घण्टों की होती है. इसके प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों में होते है. इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है.

सामान्य अध्ययन के पत्र में ज्ञान-विज्ञान के निम्नलिखित क्षेत्रों से संबंधित प्रश्न होंगेः

सामान्य विज्ञानः– राष्ट्रीय तथा सामान्य विज्ञान, अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं (current affairs), भारत का इतिहास एवं बिहार के इतिहास (history) की प्रमुख विशेषताएँ.

सामान्य भूगोलःबिहार के प्रमुख भौगोलिक प्रभाग तथा यहाँ की महत्वपूर्ण नदियाँ, भारत की राज्य व्यवस्था (indian polity) तथा आर्थिक व्यवस्था, आजादी के पश्चात् बिहार की अर्थव्यवस्था के प्रमुख परिवर्तन, भारत का राष्ट्रीय आंदोलन तथा इसमें बिहार का योगदान.

सामान्य मानसिक योग्यता को जाँचने वाला प्रश्न

सामान्य विज्ञान के अन्तर्गत दैनिक अनुभव तथा प्रेक्षण से संबंधित विषयों सहित विज्ञान की सामान्य जानकारी (general knowledge) तथा परिबोध पर ऐसे प्रश्न पूछे जायेंगे, जिसकी किसी भी सुशिक्षित व्यक्ति से अपेक्षा की जा सकती है, जिसने वैज्ञानिक विषयों का विशेष अध्ययन नहीं किया है.

इतिहास के अन्तर्गत विषय के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य (political perspective) में विषय की सामान्य जानकारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है.

परीक्षार्थियों से आशा की जाती है कि वे बिहार के इतिहास की मुख्य घटनाओं (main events) से परिचित होंगे.

भूगोल (geography) विषय में ‘‘भारत एवं बिहार’’ के भूगोल पर विशेष ध्यान दिया जाता है. ‘‘भारत और बिहार का भूगोल’’ के अन्तर्गत देश के सामाजिक तथा आर्थिक भूगोल से संबंधित प्रश्न होते है, जिनमें भारतीय कृषि और प्राकृतिक साधनों की प्रमुख विशेषताएँ सम्मिलित होती है.

भारत की राज्य व्यवस्था तथा आर्थिक व्यवस्था के अन्तर्गत देश की राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सामुदायिक विकास (community development) तथा भारतीय योजना (बिहार के संदर्भ में भी) सम्बन्धी जानकारी का परीक्षण किया जाता है. 

‘‘भारत के राष्ट्रीय आंदोलन’’ के अन्तर्गत 19वीं शताब्दी (19th century) के पुनरूत्थान के स्वरूप एवं स्वभाव, राष्ट्रीयता का विकास तथा स्वतंत्रता प्राप्ति से संबंधित प्रश्न पूछे जाते है. 

परीक्षार्थियों से आशा की जाती है कि वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की भूमिका पर पूछे गए प्रश्नों के भी उत्तर दें.

OMR Sheet - BPSC Kya hai in hindi

बीपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा का उत्तर आपको ओएमआर शीट (OMR Sheet) पर देना होता है.

BPSC की प्रारंभिक परीक्षा सिर्फ जाँच परीक्षा होती है, जिसके आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है.

प्रीलिम्स में प्राप्त किए गए अंको का रैंक निर्धारण में कोई भूमिका नहीं होती है. ये पेपर सिर्फ क्वालीफाइंग मात्र होता है. मुख्य परीक्षा के लिए रिक्त पदों से दस गुना (10x) अभ्यर्थियों को चयन किया जाता हैं.

BPSC Mains Syllabus in hindi

बीपीएससी मुख्य परीक्षा में कुल चार पेपर होते हैं, सभी पेपर वर्णात्मक (descriptive) होते है. मैंस के चारों पेपर निम्नलिखित हैं:

  1. सामान्य हिंदी
  2. सामान्य अध्ययन- पत्र 1
  3. सामान्य अध्ययन- पत्र 2
  4. ऐच्छिक विषय 

01. सामान्य हिंदी का पाठ्यक्रम

सामान्य हिंदी के पेपर में प्रश्न बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यमिक (secondary) स्तर के होते है. यानी की 6ठी से 12वीं कक्षा के स्तर के.

इसमें सरल हिंदी में अपने भावों को स्पष्टत: और शुद्ध-शुद्ध रूप में व्यक्त करने की क्षमता तथा सहज बोध शक्ति की जाँच की जाती है.

इसकी अवधि 3 घंटा होती है. ये पेपर कुल 100 अंक का होता है. अंकों का विवरण निम्न प्रकार होगाः-

निबन्ध – 30 अंक

व्याकरण – 30 अंक

वाक्य विन्यास – 25 अंक

संक्षेपण – 15 अंक

ये पेपर क्वालीफाइंग मात्र होता है यानी इसमें प्राप्त किया गया अंक फाइनल मेरिट लिस्ट में नहीं जुड़ता है. इसमें क्वालीफाई करने के लिए न्यूनतम 30 अंक लाने होते हैं. अगर इसमें क्वालीफाई करेंगे तभी बाकी के पेपर चेक होंगे. 

BPSC GS Paper 1 Syllabus in hindi

सामान्य अध्ययन- पत्र 1 कुल 300 अंक का होता है, इसकी अवधि 3 घंटे होती हैं. GS 1 का पाठ्यक्रम निम्नलिखित हैं :

  • भारत का आधुनिक इतिहास और भारतीय संस्कृति.
  • राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय महत्व का वर्तमान घटना चक्र.
  • सांख्यिकी विश्लेषण आरेखन और चित्रण.

02. सामान्य अध्ययन पत्र- 1 में आधुनिक भारत (एवं बिहार के विशेष सन्दर्भ में) के इतिहास और भारतीय संस्कृति (indian culture) के अन्तर्गत लगभग उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य भाग से लेकर देश के इतिहास की रूप रेखा के साथ-साथ महात्मा गाँधी, रवीन्द्र नाथ टैगोर और जवाहर लाल नेहरू से संबंधित प्रश्न भी सम्मिलित होते है.

बिहार के आधुनिक इतिहास के संदर्भ में प्रश्न इस क्षेत्र में पाश्चात्य शिक्षा (प्रौद्योगिकी शिक्षा समेत) के आरम्भ और विकास से पूछे जाते है. इसमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम (freedom struggle) में बिहार की भूमिका से संबंधित प्रश्न रहते है. ये प्रश्न मुख्यतः संथाल विद्रोह, बिहार में 1857 विरसा का आन्दोलन, चम्पारण सत्याग्रह और 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन से पूछे जाते है.

परीक्षार्थियों से आशा की जाती है कि वे मौर्य काल (mauryan period) एवं पाल काल की कला, तथा पटना कलम चित्रकला की मुख्य विशेषताओं से परिचित होंगे.

सांख्यिकीय विश्लेषण आरेखन तथा सचित्र निरूपण से संबंधित विषयों में सांख्यिकीय आरेखन (statistical diagrams) या चित्रात्मक रूप से प्रस्तुत सामग्री की जानकारी के आधार पर सहज बुद्धि का प्रयोग करते हुए कुछ निष्कर्ष निकालना और उसमें पाई गई कमियों, सीमाओं और असंगतियों का निरूपण करने की क्षमता की परीक्षा होती है.

02. सामान्य अध्ययन पत्र- 2 (GS 2) का पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन- पत्र 2 कुल 300 अंक का होता है, इसकी अवधि 3 घंटे होती हैं. GS 2 का पाठ्यक्रम निम्नलिखित हैं :

  • भारतीय राज्य व्यवस्था.
  • भारतीय अर्थ व्यवस्था और भारत का भूगोल.
  • भारत के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका और प्रभाव.

प्रश्न पत्र- 2 में भारतीय राज्य व्यवस्था से संबंधित खंड में भारत की (तथा बिहार की) राजनीतिक व्यवस्था (political system) से संबंधित प्रश्न होते है. 

भारतीय अर्थ व्यवस्था (indian economy) एवं भारत तथा बिहार के भूगोल से संबंधित खंड में भारत की योजना और भारत के भौतिक, आर्थिक और सामाजिक भूगोल से संबंधित प्रश्न पूछे जाते है.

भारत के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व एवं प्रभाव से संबंधित तीसरे खंड में ऐसे प्रश्न पूछे जाते है, जो भारत तथा बिहार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी (science & technology) के महत्व के बारे में उम्मीदवार की जानकारी की परीक्षा करे. इनमें प्रायोगिक पक्ष पर बल दिया जाता है.

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ऐच्छिक विषय का पाठ्यक्रम

इसमें विभिन्न भाषाओं के साहित्य सहित कुल 34 विषय होते हैं, जिसमें से आपको कोई एक विषय चुनना होता है.

प्रत्येक पेपर 300 अंक का होता है, इसकी अवधि 3 घंटे होती है. सभी ऐच्छिक विषय, उनके विषय कोड के साथ नीचे की तालिका (table) में दिया गया है.

विषय कोड  विषय
04कृषि विज्ञान
05पशुपालन तथा पशु चिकित्सा विज्ञान
06मानव विज्ञान
07वनस्पति विज्ञान
08रसायन विज्ञान
09सिविल इंजीनियरिंग
10वाणिज्यिक शास्त्र तथा लेखा विधि
11अर्थशास्त्र
12विद्युत् इंजीनियरिंग
13भूगोल
14भू-विज्ञान
15इतिहास
16श्रम एवम् समाज कल्याण
17विधि
18प्रबन्ध
19गणित
20यांत्रिक इंजीनियरिंग
21दर्शनशास्त्र
22भौतिकी
23राजनीति विज्ञान तथा अन्तर्राष्ट्रीय संबंध
24मनोविज्ञान
25लोक प्रशासन
26समाज शास्त्र
27सांख्यिकी
28प्राणी विज्ञान
28हिन्दी भाषा और साहित्य
30अंग्रेजी भाषा और साहित्य
31उर्दू भाषा और साहित्य
32बांग्ला भाषा और साहित्य
33संस्कृत भाषा और साहित्य
34फारसी भाषा और साहित्य
35अरबी भाषा और साहित्य
36पाली भाषा और साहित्य
37मैथिली भाषा और साहित्य
BPSC Optional Subjects

इन सभी ऐच्छिक विषयों में से अगर आप किसी ऐच्छिक विषय (optional subject) का विस्तार से सिलेबस जानना चाहते है तो कॉमेंट में जरूर बताएं. हम उस पर भी जल्द एक पोस्ट लिखेंगे.

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BPSC Syllabus in hindi – FAQs

बीपीएससी मेंस में कितने पेपर होते हैं?

बीपीएससी मेंस में कुल चार पेपर होते हैं. सामान्य हिंदी का एक, सामान्य अध्ययन का 2 और ऐच्छिक विषय का एक पेपर.

क्या बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती हैं?

नहीं, बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में कोई भी नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है.

उम्मीद है कि इस पोस्ट में आपको BPSC syllabus in hindi के बारे में विस्तार से जानकारी मिली होगी. अगर बीपीएससी सिलेबस से जुड़ा कोई प्रश्न है तो कॉमेंट में जरूर बताएं एवं इस पोस्ट को उन तक शेयर करें जो बीपीएससी परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं.

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