Engineers Day Speech in Hindi | इंजीनियर्स डे पर भाषण 2022

इंजीनियर्स डे पर भाषण की तलाश में यदि आप इस लेख मे आए हो तो आपको आज हम निराश बिलकुल भी नही करेंगे.क्योंकि आज के इस लेख के द्वारा आपको हम एक सम्पूर्ण Engineers day speech in hindi प्रदान करने वाले है।

जिसको आप इस्तेमाल कर सकते हो स्कूल, कॉलेज या अन्य किसी शिक्षण संस्थानों पर भाषण देने के लिए। इसके साथ आपको हम Engineers Day से जुड़े कई सारे महत्वपूर्ण सवालों के जवाब भी देने वाले है जिनके बारे में एक इंजीनियरिंग विद्यार्थी को जरूर जानना चाहिए।

इसके साथ हम इस लेख द्वारा भारतीय इतिहास के प्रथम और महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के बारे में आपको बताएंगे ताकि आप जान सको की वाकई में एक महान इंजिनियर कैसे बनते है? एक असली इंजीनियर का उद्देश्य क्या होता है? क्यों इंजीनियर्स जरूरी होते है एक देश की अर्थव्यवस्था के लिए?

यदि आप एक इंजीनियरिंग विद्यार्थी हो तो आपको जरूर इस भाषण का प्रयोग आपके शिक्षण संस्थान में करना चाहिए भाषण देने के लिए। आइए फिर Engineers Day Speech in Hindi के विषय में सम्पूर्ण बातें जानते है। सम्पूर्ण जानकारी के लिए इस लेख में अंत तक बने रहिएगा।

Engineers Day क्यों मनाया जाता हैं?

जिस प्रकार वैज्ञानिक, अध्यापक, खिलाड़ी, पत्रकार अर्थव्यवस्था में अपने अपने क्षेत्र में देश की उन्नति में अपना योगदान देते है उसी प्रकार एक इंजिनियर देश दुनिया में होने वाले कई सारे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में अपना योगदान देते है।

अतः दुनिया में ऐसे कई सारे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य हुए है जिनके पीछे किसी न किसी इंजीनियर का हाथ है, उसकी सोच है, उसकी बुद्धिमत्ता है। ऐसे मे उनके अनोखे और अविश्वसनीय कार्यों की सराहना के लिए पूरी दुनिया में इंजीनियर्स डे (Engineers Day) मनाया जाता है।

इंजीनियर्स डे केवल निर्माण कार्य नही बल्कि तकनीक और अन्य क्षेत्र में जो भी आविष्कार किए जाते है उन सभी इंजीनियर्स को समर्पित है क्योंकि विभिन्न क्षेत्र के इंजीनियर्स के द्वारा जो भी आविष्कार किए गए है उन्हीं की बदौलत आज हम अनेक कार्यों को करने में सक्षम है।

Electrical Wiring - Engineers Day Speech in hindi
Electrical Engineer

घर बनाना हो, मोबाइल पर बात करना है, गाड़ी चलानी हो, हवाई जहाज के माध्यम से उड़ना हो, पानी में चलाना हो या कंप्यूटर का इस्तेमाल। यह सारी की सारी चीजें इंजीनियर्स की देन है। एक वैज्ञानिक केवल उस दुनिया के बारे ढूंढते है जो पहले से है लेकिन एक इंजीनियर उस दुनिया का निर्माण करता है जो कभी था ही नही।

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भारत में Engineers Day कब और क्यों मनाया जाता हैं?

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जो की इतिहास में भारत के महान इंजीनियर रहे चुके है, उनकी याद में प्रतिवर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे (Engineers Day) मनाया जाता है।

इंजीनियर्स डे 15 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है यह सवाल यदि आपके जहन में आ रहा है तो हम बताना चाहेंगे की 15 सितंबर 1860 को ही मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी का जन्म कर्नाटक के मुद्दनहल्ली नाम के गांव में हुआ था। अतः इसी वजह से 15 सितंबर उनके जन्मदिवस को ही इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने भारत में सिंचाई और पेयजल प्रणाली को लागू किया था जिससे भारत में सिंचाई और पेयजल के क्षेत्र में क्रांति आ गई थी। उन्होंने साथ ही कई सारे बांधों का सफलतापूर्वक डिजाइन भी तैयार किया था।

भारत के अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को 1955 में भारत रत्न देकर भी नवाजा गया था। यह भारत का सर्वोच्च और प्रतिष्ठित पुरस्कार है। भारत में 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है लेकिन पूरी दुनिया में अलग अलग तारीख को यह दिन मनाया जाता है।

Engineers Day कैसे मनाया जाता है?

जैसा की हमने बताया है की भारत में इंजीनियर्स डे मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया इंजीनियर के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। अतः इस दिन को मानने के लिए भारत के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

साथ ही चित्रकला, निबंध और स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है जिसमे अनेकों विद्यार्थी हिस्सा लेते है अपनी योग्यता के अनुसार। साथ ही अपने भाषण के द्वारा मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी के जीवन पर प्रकाश डालते है और उनको भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते है।

इंजीनियर्स डे अलग अलग देशों में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है।

दुनिया के अलग अलग देशों में कौन सी तारीख को Engineers Day मनाया जाता है?

जैसा की हमने बताया की भारत मे हर साल 15 सितंबर को ही इंजीनियर दिवस मनाया जाता है लेकिन पूरे विश्व में ऐसा नहीं है। दुनिया के अलग अलग जगहों पर अलग अलग तारीख को इंजीनियर दिवस मनाया जाता है। हमने यहां उन्हीं सभी देशों के नाम और तारीख की सूची दी है जिस तारीख को इंजीनियर दिवस मनाया जाता है।

अर्जेंटीना16 जून
बांग्लादेश 7 मई
बेल्जियम20 मार्च
कोलंबिया17 अगस्त
आइसलैंड10 अप्रैल
ईरान24 जनवरी
इटली15 जून
मैक्सिको1 जुलाई
पेरू8 जून
रोमानिया14 दिसंबर
तुर्की5 दिसंबर
विभिन्न देशों में अभियांत्रिक दिवस की तिथि

Engineers Day Speech in Hindi 2022

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, प्रिय गुरुजन, सम्माननीय अतिथिगण और मेरे प्यारे दोस्तों, सबसे पहले आप सभी को मेरा नमस्कार। जैसा की आप सभी को अच्छे से याद होगा की भारत में हर साल 15 सितंबर के दिन इंजीनियर दिवस मनाया जाता है और आज भी हम सभी यहां पर इसी दिवस को मनाने के लिए एकत्रित हुए है।

वैसे क्या आपको पता है की आखिर 15 सितंबर को ही इंजीनियर डे क्यों मनाया जाता है? मुझे पता है की यहां पर उपस्थित अधिकांश लोगों इस विषय में जानकारी जरूर होगी लेकिन जिनको इसके बारे में पता नही है उनको मैं बताना चाहूंगा/चाहूंगी की इंजिनियर दिवस महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है।

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी ने अपने इंजीनियरिंग कार्यकाल के दौरान देश की अर्थव्यवस्था में अमूल्य योगदान दिया है। भारत देश में अभी तक उनसे महान इंजीनियर शायद ही अभी तक कोई होगा।

देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए ही उनको 1955 में भारत के सर्वोच्च पुरुस्कार ”भारत रत्न” से सम्मानित किया गया था। न सिर्फ भारत मे बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पूरी दुनिया उनके बारे में जानती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने भारत में पेयजल और सिंचाई प्रणाली को लागू करने में अहम भूमिका निभाई थी तथा कई सारे पुल और बांधों के डिजाइन तैयार किया थे।

हालांकि इंजीनियर दिवस के दिन बात सिर्फ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की ही नही होती है बल्कि उन सभी इंजीनियर्स की होती है जो अपने कौशल के द्वारा विभिन्न क्षेत्र में अपना योगदान देते है।

आप शायद यकीन न करो लेकिन अच्छा एक इंजीनियर किसी भी देश के विकास में अहम भूमिका निभाता है। बिना इंजीनियर के तो कोई भी देश बिना पहिए वाली गाड़ी के समान होता है।

इंजीनियर्स द्वारा कई सारी ऐसी वस्तुओ के डिजाइन तैयार किए जाते है जिसकी मदद से आज मानवजाति कई ऐसे कार्य बड़ी ही आसानी से कर लेते है जो पहले मुमकिन ही नही था। अतः हमें इंजीनियर्स के कार्यों की अवहेलना कभी नही करनी चाहिए।

इंजिनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी ने भी अपने जीवनकाल में देश के विकास में अहम योगदान दिया था जिसके कारण ही उनको भारत रत्न दिया गया था। उनके कार्यों की प्रशंसा पूरे विश्व में होती थी।

यह प्रसंशा इस बात पर हुई क्योंकि उन्होंने एक ब्लॉक सिस्टम का निर्माण पानी के होने वाले व्यर्थ बहाव को रोकने के लिए स्वचालित दरवाजे, पानी की आपूर्ति तथा जल निकासी व्यवस्था की, जिसकी उन्होंने अदन शहर के लिए योजना बनाई थी। अतः उनको इस कार्य के लिए समस्त दुनिया में इंजीनियर्स द्वारा प्रसंशा प्राप्त हुई थी।

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया भारत के महानतम इंजीनियर और भारत के पहले इंजीनियर थे। उन्होंने कभी भी अपनी प्रतिभा और स्मृति का दुरुपयोग नही किया।

अपने जीवन काल में वह हमेशा समय के पाबंद रहे थे और उन्होंने कभी भी अपना एक मिनट बर्बाद नही किया था। एक बार ऐसा हुआ की एक मंत्री तीन मिनट देरी से एक सभा में पहुंचे थे तो मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी जो की वहां उपस्थित थे उन्होंने उनको समय के प्रति पाबंद रहने की सलाह दी।

उनकी सोच थी की मनुष्य चाहे जो भी कार्य करें लेकिन उनको करना विधिपूर्वक ही चाहिए। साथ ही उनकी शिक्षा का सार था की हर एक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए तथा किसी भी कार्य को करने में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए।

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी अपने रहन सहन और साफ सफाई के प्रति जागरूक थे।

ढलती उम्र में भी वह हमेशा अनुशासन के साथ बिलकुल साफ सुथरे कपड़े पहना करते थे। उन्होंने एक बार यह भी कहा था की की भले ही आपका काम रेलवे क्रॉसिंग को स्वीप करना होगा है लेकिन आपको यह बात ध्यान में रखनी है की यह कर्तव्य आपका है कि आप इसे इतना साफ रखें कि दुनिया में कोई दूसरा व्यक्ति आपके जैसे इस क्रॉसिंग आपके जैसा साफ न रख पाए।

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया द्वारा ऐसे कई सारे उदाहरण दिए गए है जो उनके काम के प्रति समर्पण और अनुशासन को दर्शाते है। “हमारे देश का अभिशाप आलस्य है” यह उनका मानना था जो की वाकई में सच है।

“हमारे देश का अभिशाप आलस्य है”

उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जिन भी बांधों का निर्माण किया था वह आज भी मजबूती के साथ खड़े हैं।

अतः देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान देने वाले ईमानदार, कौशल के धनी, काम के प्रति अनुशासित और समय के पाबंद, महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की याद में 15 सितंबर को इंजीनियर दिवस मनाया जाता है।

वर्तमान समय की बात की जाए तो भारत में हर साल कई सारे विद्यार्थी इंजीनियरिंग पास करते है लेकिन दुःख की बात है की अधिकांश विद्यार्थी को मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी के बारे में कोई जानकारी नही हैं। इसमें उन विद्यार्थियों का भी दोष नही है क्योंकि शिक्षण संस्थानों द्वारा यह दिवस मनाया ही नही जाता हैं। परंतु यह गलत है।

हर एक इंजीनियरिंग कॉलेज को यह दिवस मनाना चाहिए ताकि उनको इंजीनियर्स के योगदान के बारे मे बताया जा सके।

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जैसे एक महान इंजीनियर के बारे में यदि एक इंजीनियरिंग विद्यार्थी को पता ही नही होगा तो इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है। यदि यह दिवस नही मनाया जायेगा तो मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया द्वारा जो भी योगदान दिए गए है उनको भविष्य में हर एक इंसान भूल जायेगा और इंजीनियर की असली भूमिका क्या होती है यह कोई नहीं समझ पाएगा। अतः आज हम सभी को यह प्रण लेना चाहिए की हर साल यह दिवस हम मनाएंगे।

हमें तो गर्व होना चाहिए इंजीनियर्स के ऊपर की उन्होंने हमे ऐसी दुनिया प्रदान की है जिनका अस्तित्व भी नही था। अतः यही वह दिन जब हम एक इंजीनियर्स को उनके कार्यों के लिए स्मामनित कर सकते है। धन्यवाद!

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की मृत्यु कब हुई थी?

आज जो भी विद्यार्थी इंजीनियर बनना चाहते है उनको मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी के जीवन और उनके कार्यों के बारे में जरूर जानना चाहिए की कैसे उन्होंने अपना योगदान दिया था इस देश की तरक्की के लिए और कैसे वह एक महान इंजीनियर बने।

आपको हमने यह तो बता दिया है की मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी का जन्म 15 सितंबर 1860 को हुआ था। लेकिन क्या आप जानते है की मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की मृत्यु कब हुई थी?

यदि आप नही जानते हो तो हम बताना चाहेंगे की मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने अपनी आखिरी सांस 14 अप्रैल 1962 को ली थी। इस दिन एक महान इंजीनियर ने हम सभी को अलविदा कहा था।

Engineers Day Speech in Hindi – FAQs

इंजीनियर्स डे कब मनाया जाता है?

इंजीनियर्स डे हर साल 15 सितंबर के दिन पूरे भारत में मनाया जाता है।

इंजीनियर्स डे किसकी याद मे मनाया जाता है?

पूरे भारत देश में इंजीनियर्स डे मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी की याद में मनाया जाता है।

इंजीनियर डे क्यों मनाया जाता है?

प्रतिवर्ष भारत देश में इंजीनियर डे इतिहास के महान इंजीनियर्स में से एक इंजिनियर स्वर्गवास मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। इनको साल 1955 में देश के लिए अपना योगदान देने के फलस्वरूप भारत रत्न द्वारा सम्मानित किया गया था।

हम इंजीनियर्स डे कैसे मनाते है?

इंजीनियर्स डे को मानने के लिए भारत के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। साथ ही चित्रकला, निबंध और स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है जिसमे अनेकों विद्यार्थी हिस्सा लेते है अपनी योग्यता के अनुसार। साथ ही अपने भाषण के द्वारा मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी के जीवन पर प्रकाश डालते है और उनको भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते है।

हैप्पी इंजीनियर्स डे कब है?

2022 में हैप्पी इंजीनियर्स डे 15 सितंबर को है जो की मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की याद में मनाया जाता है।

भारत का पहला इंजिनियर कौन है?

स्वर्गवास मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी भारत में प्रथम इंजिनियर थे।

इंजीनियर्स दिवस उस विशेष तिथि को ही क्यों मनाया जाता है?

इंजीनियर्स दिवस उस विशेष तिथि (15 सितंबर 1860) को ही इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी तारीख को महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। अतः उनकी जन्म तिथि के रूप में यह दिवस मनाया जाता है।

Engineers Day Speech in Hindi – सारांश

Engineers Day Speech in Hindi की तलाश यदि आपको भी थी तो आज के इस लेख में आपको एक बेहतरीन इंजीनियर्स डे पर भाषण पढ़ने में मिला होगा। आज के आर्टिकल में हमने आपको Engineers Day पर भाषण प्रदान किया है।

साथ ही बताया है की आखिर इंजीनियर्स डे क्यों मनाया जाता है? कब मनाया जाता है? किनकी याद में मनाया जाता है? आखिर में हमने कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब भी दिए है जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

अतः अंत में हम भी यही आशा करते है की आपको यह लेख जरूर पसंद आया होगा। यदि आपको यह लेख पसंद आए तो इसे अन्य पाठकों के साथ शेयर जरूर करें।

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