राष्ट्रीय किसान दिवस पर निबंध | Farmer’s Day Essay in Hindi

2011 की जनगणना के अनुसार भारत की लगभग 70% आबादी गांव में ही रहती है और गांव के लोग मुख्यता खेती-बाड़ी करके ही अपना जीवन यापन करते हैं. ऐसे ही किसानों को सम्मान देने के लिए प्रत्येक वर्ष किसान दिवस मनाया जाता है. तो आइए विस्तार से किसान दिवस पर निबंध जानते हैं.

किसान दिवस मनाने का एक मुख्य उद्देश्य यह भी है कि उनकी समस्याओं पर सरकार और लोगों का ध्यान जाए. क्योंकि बीज बोने से लेकर फसल काटने तक किसानों को कई सारे समस्याओं का सामना करना पड़ता है और कई बार उसे देखने वाला कोई नहीं होता.

इस पोस्ट में हम लोग लोग किसान दिवस पर निबंध जानेंगे. जिसके अंतर्गत हमारे जीवन में किसान का महत्व किसान दिवस पर शायरी, आदि भी जानेंगे अंत में Farmer’s Day Essay in Hindi से जुड़े कुछ FAQs भी देखेंगे.

राष्ट्रीय किसान दिवस पर निबंध

कृषि हमारे देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी (backbone) है. बहुत सारे उद्योग डायरेक्ट कृषि पर ही निर्भर रहते हैं. अगर खेती नहीं होगी तो उनका उद्योग भी नहीं चलेगा. इन्हीं किसानों की जिंदगी बेहतर करने के लिए चौधरी चरण सिंह ने बहुत प्रयत्न किए हैं.

भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष में राष्ट्रीय किसान दिवस प्रत्येक वर्ष 23 दिसंबर को मनाया जाता है. उनका जन्म 23 दिसंबर 1902 ई को नूरपुर के एक किसान परिवार में हुआ था.

चूंकि वो किसान परिवार से थे. इसलिए किसानों को आने वाली समस्याओं से अच्छी तरह परिचित है फिर आगे जाकर वह देश के प्रधानमंत्री भी बने.

चरण सिंह 28 जुलाई 1989 को प्रधानमंत्री बने तथा 14 जनवरी 1980 ईस्वी तक इस पद पर रहे.

उन्होंने किसानों के लिए बिल पेश किए. यह भी माना जाता है कि उनकी कड़ी मेहनत की वजह से ही “जमीदारी उन्मूलन विधेयक – 1952” पारित हुआ था.

उनकी प्रबल याचिका और सम्मोहक व्यक्तित्व (compelling personality) ने सभी किसानों को सभी जमींदारों और साहूकारों के खिलाफ एकजुट कर दिया. वे प्रधानमंत्री और किसान नेता होने के साथ-साथ एक अच्छे लेखक भी थे. अपने लेख के माध्यम से किसानों के मुद्दों और उनकी समस्याओं के समाधान पर अपनी भावनाओं को व्यक्त भी करते थे.

हमारे देश के किसानों के वास्ते उनकी बहुमूल्य सेवाओं के लिए प्रत्येक वर्ष उनके जन्मदिवस पर भारतीय किसान दिवस पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है.

Agriculture - Farmer's Day Essay in Hindi

इस दिन किसानों और गांव समाज के लोग कृषि संगीत कार्यक्रम, विभिन्न समारोह, आदि आयोजित करते हैं. इसके अलावा सरकार द्वारा किसानों के लिए खेती, कृषि, बीज आदि से संबंधित नई नीतियां भी घोषित की जाती है.

यह किसान नेता और किसानों के हमदर्द 19 मई 1987 ईस्वी को यह दुनिया छोड़कर चले गए यानी 19 मई 1987 ईस्वी को चौधरी चरण सिंह की मृत्यु हो गई.

हमारे जीवन में किसान का महत्व

हमारे जीवन में किसानों का महत्व समझने के लिए इतना ही काफी है कि किसान है तो हम हैं वरना बिना अनाज खाए तो हम लोग मर ही जाते हैं.

निजी जीवन के अलावा बहुत सारी उद्योग भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर ही निर्भर करते हैं. कई सारे उद्योग में अधिकतर कच्चा माल कृषि से डायरेक्ट जाता है. कृषि को इस देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कही जाती है.

भारत खुद एक कृषि प्रधान देश है. यहां की लगभग 70% आबादी गांव में ही रहती है और गांव के लोगों का मुख्य पेशा कृषि है. वे विभिन्न फसल उगा कर खुद भी खाते हैं और उन्हें मंडी में बेच कर आय भी अर्जित करते हैं.

किसानों के द्वारा ही सभी प्रकार के अनाज, दालें, फल, सब्जी आदि उगाए जाते हैं. इन फसलों की खेती करने और अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए लगभग प्रतिदिन भोर से ही शाम ढलने तक अपने खेतों में काम करते हैं. खेत और फसलों की उपज ही किसानों की असली दौलत है.

किसानों को अन्नदाता के रूप में तो माना जाता है परंतु यह बताते हुए बहुत अफसोस हो रहा है कि आज भी बहुत सारे किसान गरीबी रेखा से नीचे जी रहे हैं. बाढ़ या सुखार आने पर उनका पूरा फसल बर्बाद हो जाता है और फिर भी बहुत सारे किसानों को कोई देखने वाला तक नहीं होता मुआवजा मिलना तो बहुत दूर की बात है.

किसान अपनी खेती के लिए पैसा ना होने पर साहूकारों और महाजनों से कर्ज लेते हैं फिर अधिक ब्याज दर होने पर धीरे-धीरे उन कर्ज में डूब जाते हैं. यहां तक की कई सारे किसान बहुत सारी समस्या झेल न पाने के कारण आत्महत्या तक कर लेते हैं.

किसानों के योगदान को देखते हुए उन को प्रेरित करने के लिए भारत के दूसरे प्रधानमंत्री और छठे गृहमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था.

हालांकि भारत सरकार किसानों के लिए कई सारी योजनाएं चला रही है. जैसे प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, आदि.

हमें भी जिंदगी भर किसानों का आभार जताना चाहिए, उनकी मदद करनी चाहिए और अगर हो सके तो कृषि के क्षेत्र में अपना करियर बना कर नौजवानों को भी इस क्षेत्र में आने का निमंत्रण देना चाहिए.

उम्मीद है कि आपको ये पोस्ट किसान दिवस पर निबंध उपयोगी लगा होगा. अगर इससे जुड़ा आपका कोई प्रश्न है तो कॉमेंट में जरूर पूछें एवं इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें.

किसान दिवस पर निबंध – FAQs 

किसान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जयंती पर किसान दिवस प्रत्येक वर्ष 23 दिसंबर को मनाया जाता है. यह दिवस किसानों के लिए किए गए उनके कामों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है.

किसान दिवस पहली बार कब मनाया गया था?

किसान दिवस पहली बार 23 दिसंबर 2001 को मनाया गया था.

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