Internship Kya Hota Hai? इंटर्नशिप के फायदे एवं इसे पाने का तरीका

आप अगर कॉलेज के विद्यार्थी है तो इंटर्नशिप का नाम एक न एक बार जरूर सुना होगा. तो आज इसी के बारे में बात करेंगे की internship kya hota hai?

एक अच्छी जॉब पाने के लिए सिर्फ डिग्री ही काफी नहीं होती हैं बल्कि उसके साथ – साथ आपकी पर्सनालिटी भी (personality) आकर्षक होनी चाहिए, कम्युनिकेशन स्किल अच्छी होनी चाहिए, आप जिस फील्ड में जॉब के लिए जा रहे हैं और उससे जुड़ी हुई जानकारी एवं स्किल भी होनी चाहिए.

इन सब के अलावा जो एक बहुत महत्वपूर्ण चीज है वह यह है कि आपको उस फील्ड में कार्य करने का कुछ अनुभव होना चाहिए, और विद्यार्थियों के लिए कार्य करने का अनुभव प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है ‘इंटर्नशिप’.

Internship kya hota hai
Discussing on Project

आप इस ब्लॉग पोस्ट में जानेंगे कि इंटर्नशिप क्या होता है, इंटर्नशिप कितने प्रकार का होता है, आप इंटर्नशिप कैसे प्राप्त कर सकते हैं, इंटर्नशिप करने के क्या – क्या फायदे हैं, एवं अंत में इंटर्नशिप से जुड़ा कुछ सवाल (FAQs) भी देखेंगे. तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े.


Internship Kya Hota Hai

Internship एक शॉर्ट – टर्म कार्य अनुभव है जो किसी कंपनी या संस्था द्वारा विद्यार्थियों या अन्य ट्रेनी को दिया जाता है.

Internship को हिंदी में ‘प्रशिक्षुता’ कहते हैं. (internship meaning in hindi)

कुछ कोर्स में इंटर्नशिप अनिवार्य (compulsory) है जैसे इंजीनियरिंग में, MBA में, BBA में , MBBS आदि में, और इंटर्नशिप मुख्यतः फाइनल ईयर में किया जाता है.

इंटर्नशिप करने के बाद आपको उसकी एक रिपोर्ट यानी इंटर्नशिप रिपोर्ट बना कर अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी जहां भी आप पढ़ते वहां सबमिट करनी होती है.

उस इंटर्नशिप रिपोर्ट में ये निम्नलिखित जानकारी आपको देनी होती है :

  • आप जिस कंपनी या संस्था में इंटर्नशिप किए है उसकी जानकारी
  • आपको उस इंटर्नशिप में कौन -कौन सी जिम्मेदारियां दी गई थी
  • आप उस इंटर्नशिप में क्या – क्या सीखें
  • कंपनी या संस्था द्वारा दिया गया सर्टिफिकेट

आपके इसी इंटर्नशिप रिपोर्ट के आधार पर आपको इंटर्नशिप के लिए अंक मिलता हैै.

what is internship in hindi

अगर आपने इंटर्नशिप किया है तो इसे अपने रेज्यूमे (resume) या सीवी (cv) में जरूर मेंशन करें. इससे आपके जॉब पाने की संभावना बढ़ जाएगी.


इंटर्नशिप के प्रकार

वैसे इंटर्नशिप तो कई प्रकार का होता है लेकिन यहां आपको इंटर्नशिप का पांच मुख्य प्रकार बता रहे हैं।

1. Paid Internship

Paid internship ज्यादातर बड़ी – बड़ी संस्था और प्राइवेट कंपनी में मिलती है. यहां आपको इंटर्नशिप करने के पैसे भी दिए जाते है जिसे स्टाइपेंड कहते है.

ये स्टाइपेंड ज्यादा नहीं होता है लेकिन इतना जरूर होता है कि आप इससे अपना पॉकेट खर्च और घूमने – फिरने का खर्च निकाल सकते हैं.

2. Unpaid internship

इस तरह की इंटर्नशिप में आपको कार्य करने का अनुभव तो मिलेगा, सर्टिफिकेट भी मिलेगा लेकिन पैसा नहीं मिलेगा. अनपेड इंटर्नशिप मिलना काफी आसान होता है.

Unpaid internship आपको मुख्यतः Non – Profit Organisation (जैसे NGO) में मिलेगा. इसके अलावा कुछ हॉस्पिटल, यूनिवर्सिटी आदि में भी आपको अनपेड इंटर्नशिप मिल जायेगा.

3. Summer Internship

यह बहुत ही मशहूर इंटर्नशिप है क्योंकि यह गर्मियों की छुट्टी में होती हैं और विद्यार्थी इसे आसानी से पढ़ाई की चिंता किए बिना इस इंटर्नशिप को कर पाते हैं.

ये इंटर्नशिप पार्ट टाइम और फुल टाइम दोनों होती है और यह एक महीने से तीन महीने तक की हो सकती है.

4. Work Research

इस तरह की इंटर्नशिप मुख्यतः फाइनल इयर के स्टूडेंट करते हैं. इसमें इंटर्न (intern) को उस कंपनी या संस्था पर शोध (research) करनी होती है जिसमें वो इंटर्नशिप कर रहा है. रिसर्च करने के बाद आपको इसकी एक रिपोर्ट तैयार यानी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करनी होती है.

5. Virtual Internship

वर्चुअल इंटर्नशिप आप घर बैठे या फिर कही से भी कर सकते है. इसे रिमोट इंटर्नशिप (remote internship) भी कहते हैं।

इस तरह की इंटर्नशिप ज्यादातर ऑनलाइन, इंटरनेट के माध्यम से ही की जाती है. इसमें फोन कॉल के जरिए इंटर्नशिप करना भी शामिल है.


इंटर्नशिप कैसे करें

यहां आप इंटर्नशिप ढूंढने के तीन आसान तरीके जानेंगे

1. अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी की मदद से

आप अगर किसी बड़े कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे है तो आपको इंटर्नशिप ढूंढने के लिए ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि बड़े – बड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी में कंपनियां खुद इंटर्न को हायर करने आती है.

किसी भी कंपनी या संस्था से जो व्यक्ति इंटर्न को हायर करने आते है वे आपसे एक छोटा सा इंटरव्यू लेंगे. अगर आप इंटरव्यू में क्वालीफाई कर गए तो आपको उस कंपनी या संस्था में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा.

अगर आपका कॉलेज या यूनिवर्सिटी बहुत बड़ा नहीं है और उसमें कंपनियां विजिट (visit) नही करती है तो आप अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल (training and placement cell) से संपर्क कर सकते है. वहां से आपको इंटर्नशिप ढूंढने में मदद मिलेगी.

2. आप खुद किसी कंपनी में आवेदन (apply) करें

आपको यदि आपके कॉलेज या यूनिवर्सिटी से इंटर्नशिप करने का कोई मौका नहीं मिल रहा है तो आप खुद किसी कंपनी या संस्था में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर, इंटर्नशिप प्राप्त कर सकते हैं.

खुद से इंटर्नशिप ढूंढने के लिए आपको अपने स्ट्रीम से संबंधित ऐसी कंपनी या संस्था ढूंढना होगा जो इंटर्नशिप मौका दे रहा हो. जब ऐसी कंपनी मिल जाए तो उसमें इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर दें.

आपको अगर खुद से इंटर्नशिप ढूंढने में दिक्कत आ रही है तो मालूम करें कि आपका कोई रिश्तेदार (relatives) या जान पहचान वाला (known) आपके स्ट्रीम से संबंधित किसी कंपनी या संस्था में काम करता है. अगर हां तो आप उनसे उनकी कंपनी में इंटर्नशिप के लिए निवेदन (request) कर सकते हैं.

3. आप इंटर्नशिप ऑनलाइन भी ढूंढ सकते है

हमलोगो ने ऊपर ‘ इंटर्नशिप के प्रकार ‘ में जाना था कि ‘वर्चुअल इंटर्नशिप’ भी होती है. जिसमें आप अपने घर से या कहीं से भी इंटर्नशिप कर सकते हैं. ऑनलाइन इंटर्नशिप ढूंढने की भी प्रक्रिया कुछ इसी तरह से है.

जरूरी नहीं कि आप सिर्फ वर्चुअल इंटर्नशिप के लिए ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं बल्कि आप ऑफलाइन इंटर्नशिप के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

इंटर्नशिप ढूंढने की कई सारी वेबसाइट है जैसे :

  • Internshala ( internshala.com)
  • LinkedIn ( in.linkedin.com)
  • stuMagz ( stumagz.com)
  • Glass Door ( glassdoor.co.in)
  • LetsIntern ( www.letsintern.com)

इसमें से Internshala सबसे अच्छी वेबसाइट मानी जाती है. यह भारत की नंबर 1 यानी सबसे बड़ी इंटर्नशिप और ट्रेनिंग प्लेटफार्म है.


इंटर्नशिप करने के फायदे

वैसे तो इंटर्नशिप करने के कई फायदे हैं लेकिन यहां हम आपको इंटर्नशिप करने के सात मुख्य फायदे बता रहे हैं.

1. कार्य अनुभव (work experience) मिलता है

अच्छी जॉब पाने के लिए कार्य अनुभव बहुत जरूरी होता है और यह वर्क एक्सपीरियंस आपको इंटर्नशिप से मिल जाएगा.

इंटर्नशिप में आपको बहुत सारा व्यवहारिक ज्ञान (practical knowledge) भी मिलता है जो आपको आपके कॉलेज या यूनिवर्सिटी में नही मिल सकता है.

आप अगर अपने रेज्यूमे या सीवी (cv) में वर्क एक्सपीरियंस को मेंशन करते हैं तो यह आपके लिए एक प्लस पॉइंट होगा और इससे आपके जॉब पाने की संभावना भी बढ़ जाएगी.

2. करियर को लेकर स्पष्टता (clarity) आती है

विद्यार्थियों के बीच करियर चुनने को लेकर बहुत सारी उलझन रहती हैं और यह उलझन सही तौर पर तभी खत्म होती है जब आप उस क्षेत्र में काम करते हैं.

Choose Right Career - Internship Kya Hai
Career Board

एक उदाहरण की मदद से इसे समझने की कोशिश करते हैं. मान लिया के आप एक BBA के स्टूडेंट है और आप मार्केटिंग में अपना करियर बनाना चाहते है.

आपने मार्केटिंग में इंटर्नशिप किया फिर आपको पता चला के मार्केटिंग मेरे लिए सही नहीं है और मै इसमें कॉन्फिडेंट महसूस नहीं कर रहा हूं तो आप MBA में कोई दूसरा स्ट्रीम ले सकते हैं.

3. नया हुनर (skill) सीखते हैं

इंटर्नशिप के दौरान आपको अपनी ताकत (strengths) और कमजोरी (weakness) का पता चल जाता है. इसमें आपके सीनियर और आपके साथ काम करने वालों से फीडबैक मिलता है जिससे आप अपने काम को सुधार सकते हैं.

आपको अभी और कौन – कौन से स्किल सीखने की जरूरत ये भी आपको इंटर्नशिप के दौरान पता चल जाता है या फिर वहां के सुपरवाइजर आपको बता देते हैं.

ये टेक्निकल स्किल (जैसे टाइपिंग, एमएस ऑफिस) या सॉफ्ट स्किल (जैसे कम्युनिकेशन स्किल, टाइम मैनेजमेंट) या फिर दोनों हो सकता है.

4. कमाने का मौका

जो पेड इंटर्नशिप होती है उसमें आपको पैसा भी मिलता है जिसे स्टाइपेंड कहते है. इस पैसे से आप अपना पॉकेट खर्च निकाल सकते है या जरूरत की कोई चीज खरीद सकते हैं.

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5. जॉब पाने में मदद मिलती है

आप जिस कंपनी या संस्था में इंटर्नशिप कर रहे हैं वहां अगर आप अच्छे से काम करते है तो और आपके काम से वहां के सुपरवाइजर इंप्रेस होते हैं तो आपको उसी कंपनी में जॉब भी मिल सकती है.

6. Work Environment के बारे में पता चलता है

क्लास के माहौल और किसी कंपनी के माहौल में बहुत फर्क होता है. क्लास के माहौल में तो आप रह चुके हैं अब आपको कंपनी के वर्क एनवायरनमेंट में रहना सीखना होगा और वह आप इंटर्नशिप के जरिए सिख सकते हैं.

आप वहां सीखते है कि आपको कैसे काम करना है, किसके अंडर काम करना है, बॉस किस तरह से बर्ताव करता है, सीनियर से कैसे बात करनी है आदि.

Work environment - internship kya hota hai
Work Environment

अगर आप ये सब इंटर्नशिप के दौरान ही सीख जाते है तो फिर जब आपको जॉब लगेगी तो ज्यादा दिक्कत नही होगी. आप आसानी से वहां के वर्क एनवायरनमेंट में एडजस्ट हो पाएंगे.

7. आत्मविश्वास (self confidence) बढ़ता है

इंटर्नशिप के दौरान आपको व्यवहारिक ज्ञान मिलता है और आप कई सारे नए स्किल सीखते है. इंटर्नशिप के बाद आपको पैसा (अगर पेड इंटर्नशिप हो) और सर्टिफिकेट मिलता है. इंटर्नशिप पूरा करने के बाद आप जॉब के लिए पूरी तरह हो चुके होते है. इन सब चीजों से आपका आत्मविश्वास बढ़ता है.


Internship के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

जब कोई विद्यार्थी किसी कंपनी में अपनी पहली इंटर्नशिप करने जाता है तो उसे थियोरेटिकली तो पता होता है की internship kya hota hai पर उसे प्रैक्टिकली नहीं मालूम होता है की इंटर्नशिप में क्या-क्या होता है.

इसलिए उन्हें वहां के वातावरण (work environment) में एडजस्ट होने में दिक्कत आती हैं और इन दिक्कत की वजह से वो कुछ गलतियां भी कर देते हैं. ऐसी गलतियां करने से उसका आत्मविश्वास (self confidence) कम हो जाता है. जिसके कारण इंटर्नशिप से जितना फायदा होना चाहिए उतना फायदा उनको हो नही पाता है.

ऐसी गलतियों से बचने के लिए उन गलतियों को जानना और उनसे बचने का प्रयास करना बहुत जरूरी. तो आइए इन गलतियों को जानते हैं.

Internship के दौरान इन 6 बातों का खास ध्यान रखें.

1. प्रोफेशनल व्यक्तित्व (Personality) रखें

इंटर्नशिप के दौरान ज्यादातर विद्यार्थी ये गलती करते हैं की वह इंटर्नशिप को सिर्फ कुछ दिनों की ट्रेनिंग की तरह देखते हैं जिसके कारण वह वहां कुछ अनौपचारिक व्यवहार (unprofessional behaviour) कर बैठते हैं.

हालांकि इंटर्नशिप सिर्फ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं होता है बल्कि ये आपको उसी कंपनी में फुल टाइम जॉब पाने का मौका भी होता है. कैसे? इसे हम ऊपर ‘इंटर्नशिप करने के फायदे में जान चुके हैं’.

अपने आपको प्रोफेशनलिज्म बनाए रखने में ये निम्न बिंदु (points) मदद कर सकते हैं.

  • ऑफिस में हमेशा प्रोफेशनल भाषा का ही उपयोग करें
  • समय के पाबंद बने यानी समय पर ऑफिस आएं और समय से मीटिंग में पहुंचे
  • आपका ड्रेस कोड प्रोफेशनल होना चाहिए
  • अपने काम करने की जगह (work place) और फाइल वगैरह को संगठित रखें
  • ऑफिस में अपने मोबाइल को साइलेंट रखें खासकर कर मीटिंग के समय

2. कंपनी के वातावरण (work environment) को समझें

सभी कंपनी का वातावरण एक जैसा नहीं होता है. कंपनी के वातावरण का आपको इंटर्नशिप के दौरान खयाल रखना होगा. जैसे वहां किस तरह से काम होता है? कर्मचारी का पदानुक्रम स्तर (hierarchy level) क्या है? कंपनी के नीतियों (policies) की जानकारी, वहां सीखने और तरक्की करने का कितना मौका है? आदि.

कंपनी के वातावरण को समझने और उनकी जानकारी होने पर आप वहां काम कर रहे अपने ही जैसे इंटर्न से और वहां के कर्मचारियों से अच्छा तालमेल बना पाएंगे.

3. अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से समझें

आप जब अच्छे से अपनी जिम्मेदारी को समझ लेंगे तो आपके लिए काम करना आसान होगा. किसी भी काम को करने से पहले अच्छे से समझ लें की आपको क्या-क्या करना है? कैसे करना है? कितनी देर में करना है? काम के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना हैं? आदि.

अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से समझना इसलिए भी महत्वपूर्ण है की जब आप अपना इंटर्नशिप पूरा करके कहीं या उसी कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन (apply) करेंगे तो साक्षात्करकर्ता (interviewer) आपके द्वारा किए गए इंटर्नशिप से जुड़े कई सारे सवाल पूछेंगे.

वो ये नहीं पूछेंगे की internship kya hota hai बल्कि वो इंटर्नशिप के दौरान आपको दिए गए जिम्मेदारी से जुड़े सवाल पूछेंगे. आपने अगर उन सवालों का सही जवाब नहीं दिया या अधूरा जवाब दिया तो आप वहां नौकरी पाने का मौका खो सकते हैं.

4. नोट्स बनाए, सवाल पूछें और फीडबैक लें

इंटर्नशिप के दौरान कई सारी चीजें याद रखनी पड़ती है. जैसे आपको दिया गया सभी काम, दिशा निर्देश (guidelines), मीटिंग का शेड्यूल, आदि.

शुरुआत में इतनी सारी चीजें याद रखना मुश्किल हो सकता है और आप बहुत कुछ भूल भी सकते हैं. इससे बचने के लिए आप अपने पास एक नोटबुक रखें और सभी जरूरी चीज को उसमें नोट कर लें.

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अगर आपको दिए गए काम के प्रति कोई संदेह (doubt) है या उनसे जुड़ा कोई प्रश्न हैं तो अपने मेंटर या प्रबंधक (manager) से जरूर पूछें. इससे न सिर्फ चीजें स्पष्ट होंगी बल्कि इससे आपकी काम को सीखने की इच्छा और जिज्ञासा का भी पता चलेगा.

5. कंपनी के कर्मचारी और अन्य इंटर्न्स के साथ नेटवर्क बनाए

ये एक बहुत बड़ी गलती है जो आमतौर पर इंटर्न्स करते हैं कि वह इंटर्नशिप के दौरान वहां काम कर रहे लोगों के साथ नेटवर्क बनाने पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं. वे सोचते हैं की कौन सा यहां हमेशा काम करना है. सिर्फ कुछ महीनों की ट्रेनिंग है तो इतने कम समय के लिए नेटवर्क बनाने की क्या जरूरत है.

आपको चाहिए की आप वहां काम करने वाले कर्मचारीयों और अन्य इंटर्न्स से मिले, बातचीत करें और उनके साथ नेटवर्क बनाए. सिर्फ इंटर्नशिप के दौरान ही नहीं बल्कि इंटर्नशिप खतम होने के बाद भी उनसे संपर्क में रहें.

इससे उन लोगों पर आपका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. इसके अलावा वे लोग आपकी इंटर्नशिप के दौरान और इंटर्नशिप के बाद नौकरी पाने में भी मदद करेंगे.

6. स्टाइपेंड पर ज्यादा ध्यान न दें

कुछ लोग इंटर्नशिप को सिर्फ पैसा कमाने का एक अच्छा जरिया समझते हैं. उन लोगों को पहले ये समझना होगा की internship kya hai?

इंटर्नशिप मुख्यतः काम और कंपनी के वातावरण (work environment) को समझने के लिए किया जाता हैं न कि पैसा कमाने के लिए. इसलिए इंटर्नशिप ऐसी जगह करें जहां ज्यादा सीखने को मिलें.

जैसे उदाहरण के लिए आपको किसी अच्छी कंपनी में इंटर्नशिप करने का मौका मिल रहा है. जहां आप बहुत कुछ सीख सकते हैं, अपने हुनर को बढ़ा सकते हैं और कंपनी का वातावरण भी अच्छा हैं. लेकिन वह अनपेड है या कम स्टाइपेंड दे रहा है. क्या आप ये इंटर्नशिप करेंगे?

आपको ये समझना होगा की आप अगर अच्छे से इंटर्नशिप करते हैं, अपने हुनर को बढ़ाते हैं और ज्यादा से ज्यादा काम करने का अनुभव प्राप्त करते हैं तो आपको कई सारी अच्छी नौकरी मिल सकती हैं.

आप अगर इंटर्नशिप के दौरान इन 6 बातों का ध्यान रखते हैं तो आपको internship kya hota hai का सही अनुभव होगा तथा आप इंटर्नशिप से बहुत कुछ सीख सकते हैं और उसी कंपनी में फुल टाइम जॉब करने का मौका भी पा सकते हैं.


सारांश (Summary)

सभी विद्यार्थियों को एक न एक बार इंटर्नशिप जरूर करनी चाहिए वहां आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता है और आपको वर्क एनवायरनमेंट को समझने में मदद मिलती है.

इंटर्नशिप कई तरह की होती है। विद्यार्थियों के लिए समर इंटर्नशिप (summer internship) सबसे अच्छी मानी जाती है क्योंकि यह छुट्टी में होती हैं। अगर आप किसी टेक्निकल कोर्स (जैसे कंप्यूटर साइंस) के स्टूडेंट है तो आपके लिए वर्चुअल इंटर्नशिप भी उपयुक्त रहेगी.

इंटर्नशिप ढूंढने के कई सारे तरीके है। आप Internshala से भी एक अच्छी इंटर्नशिप ढूंढ सकते है। इंटर्नशिप करने के बाद आप पर से फ्रेशर का टैग हट जाता है और आपके लिए जॉब पाना आसान हो जाता है.

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उम्मीद है कि आपको ये पोस्ट पसंद आया होगा, अगर इंटर्नशिप से जुड़ी हुई कोई जानकारी छूट गई हो तो कमेंट में जरूर बताएं एवं इस ब्लॉग पोस्ट को शेयर करें.


इंटर्नशिप से संबंधित प्रश्न (FAQs)

इंटर्नशिप का उद्देश्य क्या है?

इंटर्नशिप का मुख्य उद्देश्य वास्तविक दुनिया का अनुभव (real life experience) प्रदान करना है.

जो आपको अपने स्कूल या कॉलेज में सीखे गए थेरोटिकल ज्ञान को अमलीजामा पहनाने (practical) का काम करता है.

इंटर्नशिप कितने प्रकार के होते हैं?

इंटर्नशिप मुख्यत: 5 प्रकार के होते हैं. जो कि है: पेड इंटर्नशिप, अनपेड इंटर्नशिप, समर इंटर्नशिप, वर्क रिसर्च और वर्चुअल इंटर्नशिप.

इंटर्नशिप में क्या-क्या करना पड़ता है?

इंटर्न की जिम्मेदारीयां इस बात पर निर्भर करती है कि उन्होंने किस क्षेत्र को चुना है. आमतौर पर उन्हें साधारण कार्य या कुछ प्रशासनिक कार्य (administrative tasks) करने के लिए सौंपा जाता है.

स्कूल इंटर्नशिप क्या है?

स्कूल इंटर्नशिप विद्यार्थियों (intern) के लिए किसी खास क्षेत्र या प्रोफेशन का प्रैक्टिकल ज्ञान और अनुभव प्राप्त करने का प्रोग्राम या अवसर होता है.

School Internship के अंतर्गत छात्रों को अपने चुने हुए कैरियर के बारे में जानने और नए-नए हुनर (skills) सीखने का मौका मिलता है.

Internship Kaise Kare?

Internship प्राप्त करने के लिए आप इंटर्नशाला, ग्लासडोर, आदि जैसी वेबसाइट की मदद ले सकते हैं. इसके अलावा आप कंपनी के वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रोफाइल से भी वहां मौजूद इंटर्नशिप के मौके की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

Internship Me Kya Hota Hai?

Internship में विद्यार्थी (इंटर्न) किसी कंपनी या संस्था में शार्ट टर्म (कुछ हफ़्ते/ महीने) के लिए काम करते हैं, जिसके बदले में उसे वर्क एक्सपीरियंस, पैसा (अगर इंटर्नशिप पेड हो) और सर्टिफिकेट भी मिलता है.

भारत में इंटर्नशिप के नियम क्या है?

भारत में इंटर्नशिप के नियम, इसके प्रकार, क्षेत्र, आदि पर निर्भर करते हैं. इंटर्नशिप के सभी नियम को अच्छे से समझने के लिए आप अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के ऑफिशल वेबसाइट पर मौजूद AICTE Internship Policy पढ़ सकते हैं.

वैसे मैं भी इंटर्नशिप के एक नियम यहां आपको बता रहा हूं जो कानून के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है.

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के 25वें नियम के अनुसार “प्रत्येक पंजीकृत कानून छात्र को शैक्षणिक वर्ष के दौरान इंटर्नशिप करना आवश्यक है. उन्हें तीन साल के कोर्स के लिए कम से कम 12हफ़्ते (3 महीने) की इंटर्नशिप तथा पांच साल के कोर्स के लिए 20 हफ्ते (5 महीने) की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी.”

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