विद्यार्थियों के Personality Development के लिए 10 टिप्स

अच्छे व्यक्तित्व (personality) के लोग किसे पसंद नहीं आते ? सभी को आते हैं। विद्यार्थियों के लिए अपने व्यक्तित्व (personality) का विकास करना तो और भी जरूरी है। तो आज इस पोस्ट में हम लोग विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास करने के दस टिप्स (Personality development tips for students in hindi) जानेंगे।

आपने ऐसे बहुत से विद्यार्थी देखें होंगे जिनके बारे में लोग कहते नहीं थकते कि ‘विद्यार्थी का व्यक्तित्व (personality) हो तो ऐसा’ या ‘उसका व्यक्तित्व (personality) गजब का है, आदि। हो सकता है जिसके बारे में कहा जा रहा है वह आपके दोस्तों में से कोई हो या आप खुद हो।

अगर आप नहीं है पर आप चाहते है कि मेरा नाम भी इस सूची में जुड़ जाए तो आप इस ब्लॉग पोस्ट को पूरा पढ़े। इस ब्लॉग पोस्ट में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए 10 टिप्स (Personality development tips for students in hindi) बताए गए है। जिसे अपना कर आप या कोई भी विद्यार्थी अपना व्यक्तित्व विकास (personality development) कर सकता है।

किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व (personality) उसके सोचने, विचार करने के तरीके, उनका रवैया (attitude), वह किस तरह औरों से मिलता-जुलता (interaction) है, आदि से मिलकर बनता है और यही चीजें उन्हें औरों से अलग करती है।

अब ये नही के आप अलग करने के चक्कर में एक अजीब सी आदत अपना लें।
जैसे, सब लोग किसी से मिलने पर हाथ मिलाते है (कोरोना काल के अलावा)। मै अब किसी से मिलने पर जूते से जूता मिलाऊंगा।फिर कहने लगे ‘ यहीं मेरी पर्सनैलिटी है, मेरी पर्सनैलिटी सब से अलग है।

नही!

ऐसा नहीं करना है!

विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए 10 टिप्स [Personality Development Tips For Students in Hindi]

personality development tips for students in hindi

1. पाठ्यक्रम (syllabus) के अलावा अन्य गतिविधियों (activity) में भी भाग (participate) लें

सिर्फ किताबी कीड़ा न बने रहे, बल्कि पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी भाग लें।
जैसे, स्कूल या कॉलेज में जो भी कार्यक्रम आयोजित हो उसमे भाग लेने की कोशिश करें। इसी तरह घर और समाज में कोई गतिविधि हो तो उसमे भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

अगर उन गतिविधियों में आपकी रूचि है तो बहुत अच्छा, अगर रूचि नहीं भी है पर आपको पता है कि ये आपके लिए लाभदायक है तो जरूर भाग लें।
जैसे, आपके स्कूल या कॉलेज मे भाषण प्रतियोगिता (speech competition) आयोजित हो रही है।

इसमें आपकी रूचि नहीं है लेकिन अगर आप भाग लेते है तो आपको वर्तमान और भविष्य में इसके कई सारे फायदे देखने को मिलेंगे इनमें से कुछ ये है कि, आपका स्टेज पर जाने का डर खत्म (या कम) होगा, लोगों के बीच अपनी बात रखने का हुनर आएगा और भविष्य में यदि आपको अपनी कंपनी या किसी और की कंपनी में भाषण (speech) देना हो या presentation देना हो तो वहां आपको मदद मिलेगी।

इन सब के अलावा अगर आप प्रतियोगिता भी जीत जाते है तो आपको इनाम भी मिलेगा जिससे आपका आत्मविश्वास (self confidence) भी बढ़ेगा।

अगर आप इन सब गतिविधियों में भाग लेते है और अच्छा प्रदर्शन करते है तो आप एक बहु प्रतिभावान (multi talented) विद्यार्थी के रूप में जाने जाएंगे।

2. अच्छे श्रोता (listener) बने

किसी भी चीज को समझने के लिए उसे अच्छे से सुनना (अगर आप सुनकर समझ रहे है) बहुत जरूरी है। अच्छे से सुनने का मतलब है कि खामोशी से और पूरा ध्यान लगाकर सुने।
विद्यार्थियों के लिए तो ये और भी जरूरी हो जाता है।

अगर आप किसी से बात कर रहे है या शिक्षक से पढ़ रहे है तो आप ढंग का प्रश्न भी तभी पूछ पाएंगे या अपनी बात अच्छे से तभी रख पाएंगे जब आप सामने वाले कि बात ध्यान से सुनेंगे और समझेंगे नहीं तो आप का प्रश्न और आपकी बात जिस विषय पर बात हो रही है उससे बिल्कुल हटकर होगी।

3. हमेशा कुछ-न-कुछ सीखते रहे

आप अपने स्मार्टफोन को अपडेट तो करते ही होंगे। आप जब भी अपडेट करते है तो कुछ नई फीचर्स आती है और/या कुछ पिछली खराबी दूर होती है। ठीक इसी तरह आप भी अपने आपको हमेशा उपयोगी (useful) जानकारियों से अपडेट रखें।

अपने पाठ्यक्रम के अलावा अन्य उपयोगी पुस्तकों का भी अध्ययन करें। इससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए बहुत ही उपयोगी टिप्स (Personality development tips for students in hindi) है।

आप को अगर कोई भी चीज करना है पर आपको पता नहीं कैसे किया जाता है तो इन्टरनेट कि आप मदद ले सकते है।
जैसे, आप को इंटर्नशिप (internship) करनी है पर आपको पता नहीं है कि ये क्या होता है? कैसे करते है? तो आप YouTube पर उनसे जुड़ी हुई विडियो देख सकते हैं, Google पर सर्च कर उनसे जुड़ी हुई ब्लॉग आर्टिकल पढ़ सकते हैं और भी कई तरीके है जहां से आप कुछ सीख सकते है।

जो student हमेशा कुछ-न-कुछ सीखते रहते है उन विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास (Personality development) जल्दी होता है।
अगर आप अच्छे से (systematic) कुछ सीखना चाहते है तो आप कोर्स या ट्रेनिंग प्रोग्राम ले सकते है।

4. प्रेरणादायक (inspiring) बने

आप दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत (प्रेरणादायक) तभी बन सकते है जब आप कोई कामयाबी हासिल करेंगे। जरूरी नही के ये कामयाबी बहुत बड़ी हो आप छोटी-छोटी कामयाबी हासिल कर, अच्छे व्यवहार अपना कर आसानी से प्रेरणादायक बन सकते है।

लोगों को उनसे ज्यादा प्रेरणा मिलती है जो कम संसाधनों में भी कामयाबी हासिल कर लेते है।
अगर आपके पास भी संसाधनों का अभाव है तो संसाधनों का रोना ना रोए बल्कि आपके पास जितने भी संसाधन है उसका इस्तेमाल कर जिंदगी की नई-नई ऊंचाइयों को छुए और दूसरे विद्यार्थी और लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।

5. लोगों से मिले (Interaction)

विद्यार्थी के व्यक्तित्व विकास (Personality development) लिए यह बहुत जरूरी है कि आप लोगों से मिलें। यहां लोगों में नए लोग और पुराने लोग सभी आ गए। जब आप लोगों से मिलते है खासकर नए लोगों से तो आपको कुछ नया सीखने को मिलता है, कुछ नई जानकारी मिलती है, आपके किसी समस्या का समाधान मिल जाता है।

इसलिए लोगों से मिले, अपने सीनियर से मिलें, जूनियर से मिलें, शिक्षक से मिलें, दोस्तों से मिलें, रिश्तेदारों से मिलें और खासकर आप जिस क्षेत्र (stream) की पढ़ाई कर रहे है उसी क्षेत्र में जो व्यक्ति है या नौकरी कर रहे है उनसे मिले और आपके मन में उस विषय में कुछ जानने की जिज्ञासा है या आपका कोई सवाल है तो जरूर पूछें।

हां और जब भी किसी से मिले तो विनम्रता पूर्वक मिले। बड़ों से आदर से मिलें, छोटों से प्यार से मिले और अपने हम उम्र या दोस्तों के साथ मजाकिया तौर पर भी मिल सकते हैं।

6. सकारात्मक (Positive) शारीरिक हाव-भाव (Body Language) रखें

जब आप बात कर रहे हो तो लगनी चाहिए कि आप में ऊर्जा (energy) है। सुस्त होकर या सुस्त कि तरह बात न करें। जैसे आप किसी से बात कर रहे है और हाथ बांधे हुए है या जेब में रखे हुए है इससे सामने वाले को लगेगा कि आप उनकी बातों का महत्व (importance) नही दे रहे है और इसका आपके बातचीत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इसलिए जब भी किसी से बात कर रहे हो, भाषण (speech) दे रहे हो या Presentation दे रहे हो तो अपने हाथों का और शरीर के अन्य अंगों का सही तरीके से इस्तेमाल करें।

7. आशावादी (Optimistic) बनें

चाहे आप जितनी भी खराब हालात से गुजर रहे हो उसमें अपनी उम्मीद कि किरण जरूर ढूंढे। खराब से खराब हालात में भी क्या अच्छा हो सकता है और क्या अच्छा आप कर सकते है उसपर ध्यान केन्द्रित करें।

Be optimistic _ personality development tips for students in hindi

विद्यार्थी जीवन में बहुत सारी समस्याएं आती रहती है उनमें भी आप आशावादी (Optimistic) बनें रहें। जैसे अभी कोरोना काल चल रहा है ( अगर आप इसे 2021 में पढ़ रहे है) स्कूल-कॉलेज के साथ-साथ लगभग सभी कुछ बंद है। ऐसे हालात में आप इस तरह आशावादी हो सकते है कि चलो ऑनलाइन पढ़ाई तो हो रही है खाली समय मे कुछ skill सीख लेते है वैक्सीन बन ही गई है अब जल्द ही ये बीमारी खत्म हो जाएगी।

8. वास्तविक (real) बनें रहे

विद्यार्थी के व्यक्तित्व विकास (Personality development) में दूसरों की देखा-देखी करना बहुत बड़ी रुकावट बनती है। लोगों को नकली या बनावटी (fake) लोग बिल्कुल भी पसंद नहीं आते इसलिए आप जो है वही बने रहें अगर इसमें कुछ सुधार की जरूरत है तो सुधार जरूर करें।

एक कहावत है कि ‘कौआ चला हंस की चाल और अपनी चाल ही भूल गया’।

9. ‘ना’ कहना भी सीखें

हर बातों में ‘हां’ कहना जरूरी नहीं है। जैसे आपको कोई कहे के भाई पार्क घूमने चलोगे लेकिन आपके पास पहले से ही कुछ जरूरी काम बाकी है और उसे जल्दी पूरा करना है तो आप उसे साफ मना कर सकते हैं।

घूमना-फिरना भी जरूरी है पर जो उससे ज्यादा जरूरी है, जिसे टाला नही जा सकता या टालने से ज्यादा नुकसान हो जाएगा उसे पहले करे। अपने जरूरी कामों को प्राथमिकता (priority) देना सीखे।

आपकी कामयाबी आप क्या-क्या करते है सिर्फ इस पर निर्भर नहीं करती बल्कि आप क्या-क्या नही करते है इस पर भी निर्भर करती है।

10. संवाद कौशल (Communication Skill) को बढ़ाएं

ये व्यक्तित्व विकास का टिप्स (Personality development tips for students in hindi) तो सभी विद्यार्थी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

चाहे आप मौखिक संवाद (oral communication) कर रहे हो या लिखित संवाद (written communication)। आपका संवाद कौशल (communication skill) अच्छा तभी माना जाएगा जब आप अपना जो संदेश (message) दूसरों तक पहुंचाना चाहते है वो सही तरीके से पहुंचा पाएं अन्यथा आपको अपने संवाद कौशल (communication skill) मे सुधार की जरूरत है।

अगर आप मौखिक संवाद (oral communication) कर रहे है तो अच्छा अभिवादन (greeting) करे, उचित शब्दों का चयन करें, उच्चारण (pronunciation) सही से करें, न बहुत धीरे बोले के लोग सही से सुन न पाए और न बहुत जोर से बोले के लोग परेशान (irritate) हो जाए।

इसी तरह लिखित संवाद (written communication) मे भी अच्छा अभिवादन (greeting) करे, उचित शब्दों का चयन करें, स्पेलिंग मिस्टेक या व्याकरण संबंधी त्रुटियां (grammatical errors) ना करें, आदि।

इस ब्लॉग पोस्ट में मैंने आपको विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए 10 टिप्स (Personality development tips for students in hindi) बताए है। हालांकि इसके अलावा भी बहुत सारे टिप्स है लेकिन ये दस (Personality development tips for students in hindi) मुझे सबसे अच्छा और उपयोगी लगा।

इनमें से आपको कौन सा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के टिप्स (Personality development tips for students in hindi) ज्यादा पसंद आया? कॉमेंट मे जरूर बताए। इन तरीकों के अलावा अगर आपको कोई और तरीका मालूम है तो कमेंट मे जरूर बताएं।

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Kinza
Kinza
3 months ago

Communication skill