Resume Kya Hota Hai? रिज्यूम के प्रकार, Resume और CV में अंतर

आपको किसी कंपनी या संस्था का मानव संसाधन प्रबंधक (HR Manager) या रिक्रूटर इंटरव्यू के लिए बुलाए गा या नहीं, ये आपके द्वारा भेजे गए रिज्यूम पर निर्भर करता है. तो आइए विस्तार से जानते हैं कि Resume kya hota hai?

आप चाहें अभी कॉलेज से पास आउट हुए हो यानी कि आप फ्रेशर हो और नौकरी ढूंढ रहे हो या फिर आपको कुछ कार्य अनुभव है यानी कि आप इससे पहले किसी कंपनी में या कई कंपनीयों में काम कर चुके हैं और अब किसी ट्रेडिंग करियर की तलाश में हैं तो, दोनों के लिए ही रिज्यूम जरूरी है.

Resume
RESUME

इस पोस्ट में हमलोग जानेंगे कि रिज्यूम क्या होता है? रिज्यूमे बनाना क्यूँ जरूरी है? रिज्यूम कितने प्रकार का होता है? और अंत में Resume और CV के बीच के अन्तर को जानेंगे. तो इस ब्लॉग पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें.

Resume Kya Hota Hai

Resume एक औपचारिक दस्तावेज है, जो किसी व्यक्ति द्वारा अपने हुनर, शिक्षा, कार्य अनुभव और उपलब्धियों को व्यक्त करने के लिए बनाया जाता है.

Resume शब्द, फ्रेंच शब्द से लिया गया है जिसका हिंदी अर्थ ‘ सारांश (summary)’ होता है (हालांकि फ्रांसीसी ख़ुद इस दस्तावेज को CV कहते हैं).

जैसा कि Resume का हिंदी अर्थ सारांश होता है और हकीकत में भी ये अभी तक के आपके जिंदगी का सारांश ही होता है. इसमें आपको अपनी शिक्षा, हुनर, कार्य अनुभव और उपलब्धियों (achievements) को समेट कर एक या अधिकतम दो पेज में लिखना होता है.

रिज्यूम बनाना क्यूँ जरूरी है

Resume मुख्यतः तीन कारणों से बनाई जाती है, ये तीनों कारण निम्नलिखित हैं :

  1. नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए
  2. विश्विद्यालय (university) में एडमिशन के लिए
  3. छात्रवृत्ति (scholarship) पाने के लिए

इसमें से जो पहला कारण है “नौकरी के लिए आवेदन के लिए” ये सबसे ज्यादा प्रचलित है. इसका प्रचलन भारत सहित दुनिया के लगभग सभी देशों में है.

Resume बनाने का अन्य जो दो कारण हैं वह भारत में प्रचलित नहीं है. ये विदेशों में ही प्रचलित है.

विदेशों में कुछ कोर्स में एडमिशन के लिए यूनिवर्सिटी द्वारा रिज्यूम मांगा जाता है. इसके अलावा वहाँ छात्रवृत्ति पाने के लिए भी रिज्यूम मांगा जाता है.

ऐसे में वे एक ही दस्तावेज में विद्यार्थियों की सभी शैक्षणिक और अन्य जरूरी जानकारी देख पाते हैं.

चूंकि ज्यादातर रिज्यूम नौकरी पाने के लिए ही बनाया जाता है. तो आइए विस्तार से जानते हैं कि नौकरी पाने के लिए रिज्यूम बनाना क्यूँ जरूरी है.

जब भी किसी कंपनी या संस्था में कर्मचारी की जरूरत होती है तो वहां के मानव संसाधन प्रबंधक (HR) नौकरी के विवरण के साथ इसका विज्ञापन निकालते हैं.

ये नौकरी का विज्ञापन मुख्यतः समाचारपत्र और नौकरी ढूंढने के वेबसाइट (जैसे naukri.com) पर देते हैं. इस नौकरी के विज्ञापन को देखकर कई लोग उस नौकरी के लिए आवेदन (apply) करते हैं.

अब सभी आवेदनकर्ताओं (applicants) को इंटरव्यू के लिए बुलाना तो बहुत मुश्किल है, और अगर कंपनी बड़ी एवं प्रसिद्ध है तो उनके लिए तो लगभग नामुमकिन ही है.

इसलिए वे नौकरी के लिए आवेदन करते समय Resume या CV (इसका अंतर हम आगे जानेंगे) भी भेजने को कहते हैं.

इन रिज्यूम या सीवी को देख कर कम्पनी का HR इंटरव्यू के लिए उपयुक्त आवेदनकर्ताओं को शॉर्ट लिस्ट करते हैं और फिर उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाते हैं.

इन पूरे परिदृश्य को देखें तो हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि आपको नौकरी मिलेगी या नहीं ये आपके इंटरव्यू पर निर्भर करता है और आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा या नहीं ये आपके resume पर निर्भर करता है.

आसान भाषा में कहे तो कोई भी नौकरी पाने के लिए एक अच्छा सा रिज्यूम बनाना बहुत जरूरी है.

Resume कितने प्रकार का होता है

Resume मुख्यतः पांच प्रकार के होते हैं. जिसकी सूची निम्नलिखित हैं :

  1. कोरोनोलोजिकल रिज्यूम
  2. फंक्शनल रिज्यूम
  3. कॉम्बिनेशनल रिज्यूम
  4. टेलर्ड रिज्यूम
  5. इन्फोगराफिक रिज्यूम

इसमें भी जो ऊपर के तीन प्रकार है रिज्यूम के (यानी कोरोनोलोजिकल, फंक्शनल और कॉम्बिनेशनल) ज्यादा प्रसिद्ध है और इसका उपयोग भी अधिक होता है.

बाकी के जो दो प्रकार है (यानी टेलर्ड और इन्फोगराफिक) इसका अब उतना इस्तेमाल नहीं होता है. आइए अब बारी – बारी से सबके बारे में जानते है.

1. Chronological Resume

कोरोनोलोजिकल रिज्यूम में आपके हाल के कार्य अनुभव पहले (यानी ऊपर) लिखे जाते हैं और फिर क्रमानुसार बाद के कार्य अनुभव को लिखा जाता है. यानी आपका सबसे पहला कार्य अनुभव सबसे आखरी में (यानी नीचे) लिखा जाता है.

आइए इसे एक उदाहरण की मदद से समझते हैं. माना कि आपने अभी तक तीन कंपनीयों में काम कर चुके हैं. पहले फिलिप्स (2018) में, फिर विप्रो (2019) में और अंत में माइक्रोसॉफ़्ट (2020) में. आप अब गूगल में नौकरी पाने के लिए रिज्यूम बना रहे है, तो इसमें आप पहले माइक्रोसॉफ़्ट (2020) का कार्य अनुभव लिखेंगे, फिर विप्रो (2019) का और अंत में फिलिप्स (2018) का.

इसे “Reverse Chronological Resume” भी कहा जाता है.

यह सबसे प्रसिद्ध रिज्यूम का प्रकार है.

रिक्रूटर इस तरह के रिज्यूम को देखना ज्यादा पसंद करते है, क्योंकि इस प्रकार के रिज्यूम में आवेदनकर्ता का कार्य अनुभव आसानी से पता चल जाता है.

इस प्रकार का रिज्यूम उनलोगों के लिए उपयुक्त है, जो कई कंपनीयों में काम कर चुके हो.

कोरोनोलोजिकल रिज्यूम को Applicant Tracking System (ATS) द्वारा भी जाँच किया जा सकता है.

2. Functional Resume

फंक्शनल रिज्यूम ज्यादातर आपके हुनर (skill) और अनुभव (experience) पर केंद्रित होता है.

इसे skills – based रिज्यूम भी कहा जाता है.

इसमें लंबे – चौड़े कार्य अनुभव की जगह, आप जिस नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं, उससे जुड़े हुनर और उपलब्धियों को विस्तार से लिख सकते है.

फंक्शनल रिज्यूम उनलोगों के लिए उपयुक्त है, जिसके पास ज्यादा कार्य अनुभव नहीं है.

ये अपलीकेंट ट्रैकिंग सिस्टम (ATS) से जांचने के लिए उपयुक्त नहीं है.

3. Combinational Resume

कॉम्बिनेशनल रिज्यूम, कोरोनोलोजिकल और फंक्शनल रिज्यूम का योग होता है.

इसे Hybrid रिज्यूम भी कहा जाता है.

इसमें आप अपने हुनर और कार्य अनुभव दोनों को अच्छे से लिख सकते हैं.

कॉम्बिनेशनल रिज्यूम उनलोगों के लिए उपयुक्त है, जिसके पास काफ़ी हुनर और कार्य अनुभव है.

4. Tailored Resume

टेलर्ड रिज्यूम में मुख्यतः उन हुनर और कार्य अनुभव को लिखा जाता है, जो आपके नौकरी से जुड़ा हो. यानी कि जिस नौकरी के लिए आप आवेदन कर रहे हैं, उनसे जुड़ा हो.

इसे Targeted Resume भी कहा जाता है.

ये रिज्यूम व्यक्त करता है कि “यह वह चीज है जो मैं आपके लिए कर सकता हूं,” बजाय इसके कि “आज तक मैंने जो कुछ भी किया है, उसको देखिए”.

चूंकि टेलर्ड रिज्यूम में सिर्फ नौकरी से जुड़ी जानकारी ही होती है, जिसके कारण इसे देखकर रिक्रूटर जल्दी निर्णय ले पाते हैं. यही वजह है कि इस तरह के रिज्यूम को स्वीकार करने वाले कंपनीयों की संख्या समय के साथ बढ़ती जा रही है.

आम रिज्यूम की तुलना में इसे बनाने में ज्यादा समय लगता है.

ये उनलोगों के लिए बेहतर है जिसे अपने आपको रिक्रूटर के सामने अच्छे से पेश करने की प्रैक्टिस हो.

5. Infographic Resume

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है, इन्फोगराफिक रिज्यूमे में टेक्स्ट के साथ – साथ ग्राफिक्स से जुड़े तत्व भी होते हैं.

इसे Networking रिज्यूम भी कहा जाता है.

इस तरह के रिज्यूम तब ज्यादा प्रसिद्ध था, जब इन्फोग्राफिक्स नया – नया आया था. लेकिन अब धीरे – धीरे इसका इस्तेमाल कम हो रहा है.

इन्फोगराफिक रिज्यूम में अपनी जानकारी देने के लिए अलग – अलग रंग, डिज़ाइन, फ़ॉन्ट स्टाइल, चार्टस, आइकॉन आदि का इस्तेमाल किया जाता है.

इस तरह का रिज्यूम उनलोगों के लिए उपयुक्त है, जो डिज़ाइनींग से जुड़े पद (जैसे ग्राफिक डिजाइनर) के लिए आवेदन कर रहे हैं.

इस रिज्यूम में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कई अपलीकेंट ट्रैकिंग सिस्टम (ATS) इस प्रकार के रिज्यूम को अच्छे से नहीं पढ़ पाता है.

Resume और CV में क्या अंतर है

Resume और CV में क्या अंतर है? को जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि रिज्यूम और सीवी क्या होता है.

Resume kya hota hai? ये हमलोग ऊपर जान चुके हैं. अब जानते हैं कि CV क्या होता है?

Example of CV
Sample of CV

CV एक विस्तृत दस्तावेज होता है, जिसमें आपके पूरे करियर का विस्तार से वर्णन होता है.

आइए अब विभिन्न आधारों पर Resume और CV के बीच के फर्क को समझते हैं.

1. Format में अंतर

Resume आपके करियर का संक्षिप्त विवरण होता है कि ये मुख्यतः एक पेज का होता है या ज्यादा से ज्यादा दो पेज का हो सकता है.

CV में आपके पूरे करियर का विस्तृत विवरण होता है. इसकी लम्बाई मुख्यतः दो पेज से ज्यादा होता है.

2. Content में अंतर

Resume में सिर्फ आपको सर्वाधिक महत्वपूर्ण हुनर और कार्य अनुभव ही लिखना होता है.

इसमें ये सुविधा होती है कि आप रिक्रूटर को सिर्फ वही स्किल और कार्य अनुभव दिखाएं जो रिक्रूटर देखना चाहता है.

CV में आपके शैक्षणिक और प्रोफेशनल करियर का पूरा ब्योरा होता है, जिसमे आपकी उपलब्धियां, प्रोजेक्ट, रिसर्च पेपर और पब्लिकेशन् भी शामिल होती हैं.

इसके अलावा इसमें ये भी शामिल होता है कि आपके पूरे करियर में आपको कितने सर्टिफिकेट और इनाम (awards) मिले.

3. घटना के क्रम में अंतर

CV में आपके शैक्षणिक और प्रोफेशनल करियर से जुड़ी सभी जानकारी क्रमानुसार (chronological order) में होती है.

इससे रिक्रूटर को आपकी समय के साथ तरक्की (growth) देखने में मदद मिलती है.

Resume में आपके करियर से जुड़ी जानकारियाँ मुख्यतः तीन फार्मेट में होती हैं :

  1. कोरोनोलोजिकल
  2. फंक्शनल
  3. कॉम्बिनेशनल

इन तीनों फार्मेट को हमलोग ‘ Resume के प्रकार ‘ में विस्तार से जान चुके हैं.

अब तालिका के माध्यम से CV और Resume के बीच के अंतर को संक्षिप्त रूप से समझते हैं.

आधारResume CV
लंबाई एक से दो पेजमुख्यतः दो पेज से ज्यादा
केंद्र प्रोफेशनल स्किल पर केन्द्रितकरियर पर केंद्रित
संपर्क विवरणमुख्यतः फोन नंबर और ईमेल आईडी संपर्क करने के कई सारे माध्यम (जैसे पता)
कार्य अनुभवजो नौकरी से जुड़ा होलगभग सभी कार्य अनुभव का ब्योरा
घटनाक्रमजानकारी देने का कई तरीका सभी जानकारी क्रमानुसार (chronological order) में
उपयोगितामुख्यतः IT सैक्टर के नौकरी के लिए शैक्षणिक विभाग और मैनेजर के पद के नौकरी के लिए
Resume vs CV

Resume और CV से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

पूरे यूरोप (जैसे यूके, आयरलैंड, आदि) में और न्यूजीलैंड में सिर्फ CV ही इस्तेमाल किया जाता है. वहां Resume नाम की कोई चीज नहीं होती है. लेकिन हकीकत में वह सीवी लगभग रिज्यूम की तरह ही होता है.

ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में CV और Resume पर्यावाची शब्द (synonymous) के रूप में इस्तेमाल होता है. वहां इन दोनों का मतलब एक से दो पेज का संक्षिप्त दस्तावेज होता है.

दक्षिण एशिया में Resume और CV की जगह कई बार Biodata भी इस्तेमाल किया जाता है. इसमें आपका जन्म तिथि, जन्म स्थान, जेंडर, धर्म, जाति आदि लिखा जाता है. ये मुख्यतः भारत और बांग्लादेश में इस्तेमाल किया जाता है.

विद्यार्थियों के लिए कुछ सुझाव

आप अगर अभी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में है तो Internship जरूर करें. क्यूंकि फ्रेशर के पास कोई कार्य अनुभव नहीं होता है, इसलिए उसे नौकरी मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है.

इसके अलावा आप के कॉलेज में या आसपास में अगर आपके कोर्स से जुड़ी ऑनलाइन या ऑफलाइन कोई भी प्रतियोगिता हो, तो उसमें भाग जरूर लें. आप अगर इसमें कोई अच्छा रैंक हासिल कर लेते हैं तो ये भी अपने रिज्यूमे में लिखने का एक प्लस पॉइंट होगा.

दुर्भाग्यवश अगर आप को कई कंपनीयों में रिज्यूम देने के बाद भी नौकरी नहीं मिलती है तो आप freelancing कर सकते हैं. साइड से अपने रिज्यूम को बेहतर बनाने की कोशिश भी करें.

इस पोस्ट में आपने जाना कि Resume kya hota hai? रिज्यूम बनाना क्युं जरूरी है? Resume कितने प्रकार का होता है? एवं Resume और CV में क्या अंतर है.

Resume से जुड़ी अगर कोई अन्य जानकारी चाहते हैं तो कमेंट में जरूर बताएं और इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें.

रिज्यूम में क्या-क्या लिखा जाता है?

रिज्यूम में अपना नाम, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस, शिक्षा, संस्थान का नाम, हुनर (skill), अगर कोई अनुभव (experience) हो तो उसका विवरण, अपना शौक (hobby), आदि लिखा जाता है.

Resume Kaise Banaye?

आप MS Word या Google Docs पर रेज्यूमे में दी जाने वाली जानकारी को अच्छे से फॉर्मेट कर भी रेज्यूमे बना सकते है.

परंतु Resume बनाने का सबसे आसान और सबसे अच्छा तरीका ये है कि आप अच्छा सा कोई रेज्यूमे का टेम्प्लेट चुनें और फिर अपने जरूरत के अनुसार उसे एडिट करके अपना एक बेहतरीन रेज्यूमे बनाएं.

क्या हम फोन पर रिज्यूमे बना सकते हैं?

हां, आप CV Engineer, Canva, Professional Resume Builder, Resumaker, आदि जैसे ऐप के जरिए आसानी से अपने फोन पर भी एक शानदार रिज्यूमे बना सकते हैं.

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