UPSC Syllabus in Hindi _ यूपीएससी आईएएस सिलेबस 2022

किसी भी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उसका पाठ्यक्रम समझना बहुत जरूरी होता है. तो अगर आप यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अच्छा रैंक लाना चाहते है तो आपको पहले UPSC Syllabus in hindi अच्छे से समझना होगा.

कई सारे यूपीएससी एस्पिरेंट किसी से सुनकर या अपने कोचिंग संस्थान के कहने पर बिना यूपीएससी सिलेबस को अच्छे से समझे हुए कई सारी किताबें खरीद कर अपना पैसा, समय और ऊर्जा बर्बाद करते हैं.

ऐसी गलती से बचे और यूपीएससी के एग्जाम पैटर्न और सिलेबस को पहले अच्छे से पढ़ें, समझे फिर जाकर UPSC सिविल सेवा परीक्षा (Prelims & Mains) के लिए महत्वपूर्ण किताबें खरीदें.

इस ब्लॉग पोस्ट में हमलोग यूपीएससी का पूरा सिलेबस हिंदी में जानेंगे एवं अंत में आईएएस एग्जाम पैटर्न एंड सिलेबस (IAS syllabus in hindi) से जुड़ा कुछ FAQs भी देखेंगे. तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें.

UPSC Syllabus in Hindi

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दो चरणों में आयोजित होती हैं.

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
  2. मुख्य परीक्षा (Mains)

मुख्य परीक्षा के भी दो भाग होते हैं.

  1. मुख्य लिखित परीक्षा
  2. इंटरव्यू

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में दो पेपर होते हैं.

  1. GS l
  2. GS ll (CSAT)

General Studies 1 का पाठ्यक्रम बहुत व्यापक (wide) होता है. इसमें बहुत सारे विषय से प्रश्न पूछें जाते हैं. तो वहीं CSAT का पेपर GS l की तुलना में विशिष्ट (specific) होता है.

मुख्य लिखित परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं. जिसमें से 2 भाषा का पेपर होता है, 1 निबंध का, 4 सामान्य अध्ययन का तथा 2 ऑप्शनल सब्जेक्ट का.

UPSC Syllabus in hindi

इंटरव्यू का कोई सिलेबस नहीं है. इसमें ज्यादातर प्रश्न डिटेल एप्लीकेशन फॉर्म से पूछा जाता हैं. इसके अलावा इसमें आपका व्यक्तित्व (personality), समस्या समाधान कौशल (problem solving skill), रवैया (attitude), नैतिकता (moral integrity), आदि को परखा जाता है. 

आइए अब विस्तार से यूपीएससी का पूरा सिलेबस हिंदी में (UPSC syllabus with subtopics in hindi) जानते हैं.

UPSC Prelims Syllabus in Hindi

यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम के प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में दो पेपर होते हैं.

  • सामान्य अध्ययन l (GS l)
  • सामान्य अध्ययन ll (GS ll)

General Studies ll के पेपर को CSAT भी कहा जाता है.

पेपर l : सामान्य अध्ययन l (GS l) का सिलेबस 

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं (current affairs)
  • भारतीय राजनीति और शासन-संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकार मुद्दे, आदि.
  • भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन.
  • सामान्य विज्ञान.
  • आर्थिक और सामाजिक विकास-सतत विकास, गरीबी, समावेश, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल आदि.
  • पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे.
  • भारतीय और विश्व भूगोल-भौतिक, सामाजिक, भारत और विश्व का आर्थिक भूगोल.

पेपर ll : सामान्य अध्ययन ll (CSAT) का सिलेबस

  • संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल.
  • तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता (Logical reasoning and analytical ability)
  • कॉम्प्रिहेंशन
  • सामान्य मानसिक क्षमता
  • निर्णय लेना और समस्या-समाधान (Decision making and problem-solving)
  • गणितीय संख्या (परिमाण का क्रम, संख्या और उनके संबंध, आदि) – कक्षा 10 वीं स्तर
  • डेटा इंटरप्रिटेशन (रेखांकन, चार्ट, आंकड़ों की पर्याप्तता, टेबल आदि) – कक्षा 10 वीं स्तर 

CSAT का पेपर क्वालीफाइंग मात्र होता है. इसमें क्वालीफाई करने के लिए सिर्फ 33% अंक लाने होते हैं. जो इंजीनियरिंग के विद्यार्थी होंगे या इसके अलावा भी जिसका गणित थोड़ा बहुत अच्छा होगा वो आसानी से ये पेपर पास कर सकते हैं. जिनका नहीं है उनको थोड़ी मेहनत की जरूरत हैं.

UPSC Mains Syllabus in Hindi

मुख्य लिखित परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं. जिसमें से 2 भाषा का पेपर होता है, 1 निबंध का, 4 सामान्य अध्ययन का तथा 2 ऑप्शनल सब्जेक्ट का.

Paper A : अनिवार्य भारतीय भाषा का पाठ्यक्रम

  • दिए गए गद्यांशों को समझना
  • संक्षेपन
  • शब्द प्रयोग तथा शब्द भंडार
  • लघु निबंध
  • अंग्रेजी से भारतीय भाषा में अनुवाद और इसके विपरीत भारतीय भाषा से अंग्रेजी भाषा में अनुवाद

Paper B : अंग्रेजी का सिलेबस

यूपीएससी आईएएस इंग्लिश क्वालीफाइंग पेपर सिलेबस

  • Comprehension of given passages
  • Precis Writing
  • Usage and Vocabulary
  • Grammar
  • Short Essay

पेपर l : निबंध (Essay) का सिलेबस

इस पेपर में दो निबंध लिखने होते हैं. दोनों निबंध 125 – 125 (कुल 250) अंक का होता है.

राजनीति (Politics), समाज (Society), प्रौद्योगिकी (technology), दर्शन (philosophy) आदि से निबंध लिखने के लिए टॉपिक दिये जाते है.

पेपर ll : सामान्य अध्ययन I (GS l) का सिलेबस

इस पेपर में भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज से प्रश्न होते हैं.

UPSC ancient history syllabus in hindi

  • भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलु शामिल होंगे.
  • भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव.
  • 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास – महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व, विषय.
  • महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसँख्या एवं सम्बद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएं और उनके रक्षोपाय.
  • भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएं, भारत की विविधता.
  • विश्व के इतिहास में 18वीं सदी की घटनाएं यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन शास्त्र जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव.
  • स्वतंत्रता के पश्चात देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन.
  • सामाजिक सशक्तिकरण, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्म-निरपेक्षता.
  • स्वतंत्रता संग्राम – इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान.
  • भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भूगोलीय विशेषताएं और उनके स्थान-अति महत्वपूर्ण भूगोलीय विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमवारन सहित) और वनस्पति एवं प्राणी-जगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव.
  • विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएं.
  • विश्वभर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वित्यिक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार कारक.

पेपर lll : सामान्य अध्ययन lI (GS ll) का सिलेबस

इस पेपर में शासन व्यवस्था, संविधान शासन-प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतरराष्ट्रीय संबंध से प्रश्न होते हैं.

Indian Polity UPSC Syllabus in hindi & Governance UPSC Syllabus in hindi

  • भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, संविधान की विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना.
  • भारत के हितों, भारतीय परिदृश्य पर विकसित और विकासशील देशों की नीतियां तथा राजनीति का प्रभाव.
  • संसद और राज्य विधायिका – संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय.
  • भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना.
  • कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य – सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक / अनौपचारिक संघ एवं शासन प्रणाली में उनकी भूमिका.
  • संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढांचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियां, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ.
  • विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियां, कार्य और उत्तरदायित्व.
  • विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग – गैर सरकारी संगठनो, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों संघो, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका.
  • जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं.
  • केंद्र और राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन, इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय.
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय.
  • सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय.
  • सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय.
  • गरीबी और भूख से संबंधित विषय.
  • शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय.
  • लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका.
  • भारत एवं उसके पड़ोसी-संबंध.
  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार.
  • महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएं और मंच – उनकी संरचना, अधिदेश.

पेपर lV : सामान्य अध्ययन lIl (GS lll) का सिलेबस

इस पेपर में प्रोद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन से प्रश्न होते हैं.

  • भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय.
  • सरकारी बजट.
  • भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन.
  • समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय.
  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायत तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु-पालन संबंधी अर्थशास्त्र.
  • मुख्य फसलें – देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न, – सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली-कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएं: किसानों की सहायता के लिए ई-प्रौद्योगिकी.
  • उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव.
  • भारत में भूमि सुधार.
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास.
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव.
  • बुनियादी ढांचा: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि.
  • निवेश मॉडल.
  • सुचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टेक्नोलॉजी, बायो-टेक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता.
  • आपदा और आपदा प्रबंधन.
  • संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन.
  • विकास और फैलते उग्रवाद के बिच संबंध.
  • संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना.
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां एवं उनका प्रबंधन – संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध.
  • आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्वों की भूमिका.
  • विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएं तथा उनके अधिदेश.

पेपर V : सामान्य अध्ययन lV (GS lV) का सिलेबस

इस पेपर में नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि से प्रश्न होते हैं.

  • नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंध: मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र. 
  • मानवीय मूल्य – महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका.
  • भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों और दार्शनिकों के योगदान.
  • अभिवृत्ति: सारांश (कंटेन्ट) संरचना, वृत्ति, विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारणा.
  • लोक प्रशासनों में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र: स्थिति तथा समस्याएं; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएं; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का शुद्धिकरण; अंतरराष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉर्पोरेट शासन व्यवस्था.
  • सिविल सेवा के लिए अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना.
  • शासन व्यवस्था में ईमानदारी: लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, शासन और आवश्यकता के दार्शनिक आधार, नीतिपरक, आचार संहिता, सूचना का अधिकार, आचरण संहिता, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ.
  • उपयुर्क्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन (केस स्टडी)

ये भी पढ़ें > UPSC की तैयारी कैसे करें? यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए किताब और टिप्स

पेपर Vl और VII : वैकल्पिक I एवं वैकल्पिक II (Optional l & ll)

UPSC सिविल सेवा परीक्षा में कुल 47 वैकल्पिक विषय (optional subjects) होते हैं, जिसमें से आपको कोई एक ऑप्शनल सब्जेक्ट चुनना होता है.

यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम के सभी वैकल्पिक विषय (optional subjects) निम्नलिखित है :

  1. कृषि (Agriculture)
  2. पशुपालन एवं पशुचिकित्सा विज्ञान (Animal Husbandry and Veterinary Science)
  3. वनस्पति विज्ञान (Botany)
  4. रसायन विज्ञान (Chemistry)
  5. सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering)
  6. वाणिज्य एवं लेखाविधि (Commerce and Accountancy)
  7. अर्थशास्त्र (Economics)
  8. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Electrical Engineering)
  9. भूगोल (Geography)
  10. भूविज्ञान (Geology)
  11. इतिहास (History)
  12. विधि (Law)
  13. प्रबंध (Management)
  14. यांत्रिकी इंजीनियरिंग (Mechanical Engineering)
  15. गणित (Mathematics)
  16. चिकित्सा विज्ञान (Medical Science)
  17. दर्शनशास्त्र  (Philosophy)
  18. राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध (Political Science and International Relations)
  19. भौतिक विज्ञान (Physics)
  20. मनोविज्ञान (Psychology)
  21. लोक प्रशासन (Public Administration)
  22. समाजशास्त्र (Sociology)
  23. सांख्यिकी (Statistics)
  24. प्राणि विज्ञान (Zoology)
  25. नृविज्ञान (Anthropology)
  26. हिंदी
  27. अंग्रेज़ी
  28. उर्दू
  29. असमिया
  30. बांग्ला
  31. बोडो
  32. डोगरी
  33. गुजराती
  34. कन्नड़
  35. कश्मीरी
  36. कोंकणी 
  37. मैथिली
  38. मलयालम 
  39. मणिपुरी
  40. मराठी
  41. नेपाली
  42. उड़िया
  43. पंजाबी
  44. संस्कृत
  45. संथाली
  46. तमिल
  47. तेलुगू

सभी वैकल्पिक विषय का पाठ्यक्रम (UPSC Syllabus in hindi) आपको संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी होने वाली अधिसूचना में मिल जाएगी. 

इस साल की अधिसूचना 02 फरवरी, 2022 को संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी.

इसके अलावा आप ध्येय IAS की वेबसाइट से भी इन सभी ऑप्शनल सब्जेक्ट का सिलेबस PDF में डाउनलोड कर सकते हैं.

UPSC सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू का सिलेबस 

इंटरव्यू का कोई सिलेबस नहीं है. इसमें पूछे जाने वाले प्रश्न पहले से निर्धारित नहीं होते है. हालांकि ज्यादातर प्रश्न आपके डिटेल एप्लीकेशन फॉर्म से ही पूछा जाता हैं. इसलिए इस बात का बहुत खास ख्याल रखिए कि जब आप अपना Detail application form भरे तो आप उसको पूरी ईमानदारी से भरे.

UPSC interview

इसके अलावा इसमें आपका व्यक्तित्व (personality), रवैया (attitude), समस्या समाधान कौशल (problem solving skill), नैतिकता (moral integrity), आदि को परखा जाता है.

UPSC Syllabus in Hindi – FAQs

यूपीएससी में कितने पेपर होते हैं?

यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में दो पेपर तथा मुख्य लिखित परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं. जिसमें से 2 भाषा का पेपर होता है, एक निबंध का, 4 सामान्य अध्ययन का तथा दो ऑप्शनल सब्जेक्ट का होता है.

यूपीएससी की तैयारी कैसे शुरू करें?

सबसे पहले इसके पाठ्यक्रम को अच्छे से समझे उसके बाद इसकी तैयारी के लिए जो उपयोगी किताबें है वो पढ़ें, नोट्स बनाएं, रिवीजन करें, पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र (previous year question papers) को हल करें और मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी का आकलन करें. पूरी तैयारी के दौरान अपना मोटिवेशन (motivation) बनाएं रखें.

यूपीएससी में कितने वैकल्पिक विषय होते हैं?

UPSC सिविल सर्विस एग्जाम में कुल 47 वैकल्पिक विषय (optional subjects) होते हैं.

उम्मीद है कि ऊपर बताए गए UPSC syllabus in hindi आपको उपयोगी लगा होगा. अगर यूपीएससी के सिलेबस से जुड़ा आपका कोई प्रश्न हैं तो कॉमेंट में जरूर बताएं एवं इस पोस्ट को अपने सहपाठी यूपीएससी एस्पिरेंट के साथ शेयर करें.

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