मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी विद्यार्थी जीवन को क्यों माना जाता है?

विद्यार्थी जीवन हम सभी के जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौर होता है. ये हमारे जीवन की रीढ़ की हड्डी (backbone) होती है. जिस तरह रीढ़ की हड्डी हमें सीधा रखती है, उसी तरह विद्यार्थी जीवन में जो अनुशासन सीखते वह हमें उम्र भर सीधे रास्ते पर चलने में मदद करती है या प्रेरित करते है.

मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी विद्यार्थी जीवन को क्यों माना जाता है - Student
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विद्यार्थी जीवन में कई सारी समस्याएं आती है. जिसका सही तरह से सामना करके हम मजबूत और अकलमंद बनते है. उसके बाद फिर जब कभी भी जीवन में कष्ट आता है तो हम उसमें हताश होकर हिम्मत नहीं हारते, बल्कि उस कष्ट को दूर करने का हर संभव प्रयास करते और जब तक वह मुसीबत दूर न हो जाए तब तक उसको सब्र के साथ बर्दाश्त करते है.

आपने घर बनते तो देखा ही होगा. जब घर बनता है तो सबसे ज्यादा मजबूती उसके नींव को दी जाती है, क्योंकि सबको पता है कि घर इसी पर टिकेगा. अगर ये कमजोर हुआ तो हमेशा घर गिरने का खतरा रहेगा. ठीक इसी तरह विद्यार्थी जीवन भी हमारे जीवन की नींव की तरह होता है. इसमें अगर गलत अपना ली तो फिर पूरी जिंदगी बर्बाद होने का खतरा रहता है.

आप कामयाब लोगों की जीवनी (biography) पढ़ कर देखिए, तो आपको मालूम होगा की वे अपने स्टूडेंट लाइफ में कितने अनुशासित, पढ़ाकू और वक्त के पाबंद थे. इसके अलावा वे खेल-कूद में भी आगे रहते थे. उन्होंने वक्त की कदर की इसलिए आज वक्त भी उसकी कदर कर रहा है.

कई विद्यार्थी ऐसे होते है जो पढ़ाई में बहुत अच्छे नहीं होते है, औसत दर्जे के होते है. परंतु खेल-कूद में या किसी अन्य चीजों में वो अच्छा कर लेते है. ये भी जरूरी है. अब हर कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, आदि तो नहीं बन सकता न. देश को तो अच्छे खिलाड़ी, हुनरमंद बढ़ई, लोगों को मुफ्त में बहुत कुछ सिखाने वाले यूट्यूबर, आदि की भी जरूरत है.

आपमें से कुछ विद्यार्थी अमीर होंगे, कुछ गरीब होंगे, कुछ अपाहिज होंगे, कुछ उच्च कोटि के होंगे, और वहीं कुछ दलित होंगे जिसे शायद समाज में हकारत की नजरों से देखा जा रहा होगा. पर क्या हमेशा आपके साथ ऐसा ही होगा. नहीं ये बहुत हद तक आपके विद्यार्थी जीवन पर निर्भर करता है.

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अगर कोई अमीर विद्यार्थी अभी नशे, जुए और अन्य फिजूल कामों में अपना पैसा बर्बाद कर रहा है तो बहुत ज्यादा संभावना है कि वो आगे जाकर गरीबी में जिंदगी गुजारें या उसकी बहुत बदतर स्थिति हो. वहीं दूसरी तरफ अगर आप गरीब/ और दलित है लेकिन अच्छे से पढ़ रहे है. अपने समय का सही इस्तेमाल कर रहे है तो बहुत अधिक संभावना है कि बाद में आपके पास पैसा, इज्जत, सोहरत सब होगा.

इतना सब कुछ पढ़ने के बाद अब आप ही बताइए कि मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी विद्यार्थी जीवन को क्यूं न माना जाए?

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