विश्व शिक्षक दिवस पर भाषण | World Teachers Day Speech in Hindi 2022

जैसा की आपको ज्ञात होगा कि प्रतिवर्ष विश्व और राष्ट्र स्तर पर कई सारे दिवस मनाएं जाते हैं. जैसे अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस, इंटरनेशनल इंजीनियरिंग डे, आदि. उसी तरह हर साल विश्व शिक्षक दिवस भी मनाया जाता हैं. और आज हमलोग इस लेख में विश्व शिक्षक दिवस पर भाषण (World Teachers Day Speech in hindi) जानेंगे.

जिस प्रकार शिक्षा हमारे जीवन को सँवार देती है, उसी प्रकार शिक्षक शिष्य के जीवन को सही सीख एवम अपने मार्गदर्शन से संवार देते हैं. सही सलाह से शिष्य के जीवन पथ को एक मुकाम देते हैं. अपने जीवन से ज्यादा शिष्य की उन्नति को मायने देते हैं और हमेशा शिष्य के जीवन सुधार की कामना रहती है. 

शिक्षक के शिष्यों के प्रति समर्पण भावना को उनके महत्व को और उनके सम्मान के साथ ही शिक्षक प्रगति स्वरूप ही वर्ल्ड टीचर्स डे मनाया जाता है. टीचर्स डे की नींव शिक्षक ही रखते हैं उनके समर्पित प्रयास को बरकरार रखने के लिए World Teacher’s Day मनाया जाता है. 

Happy Teacher's Day - World Teachers Day Speech in Hindi

विश्वभर में शिक्षकों के सम्मान व शिक्षकों को समझने व शिष्यों की उन्नति स्वरूप उनके द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका को महत्व देने के लिए यह विशेष दिवस मनाया जाता है.

World Teachers Day Speech in Hindi [1]

सभी माननीय, आदरणीय प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों. आप सभी को शुभ प्रभात और नमस्कार आज हम सभी लोग यहां पर विश्व शिक्षक दिवस मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं. मैं इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर भाषण (World Teachers Day Speech in Hindi) प्रस्तुत करना चाहता हूं.

भारत में वर्ष 1962 को वर्ल्ड टीचर्स डे पहली बार मनाया गया था. सर्वप्रथम 5 सितम्बर को पूर्व राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति और शिक्षागुरु स्वर्गीय डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर उनके सम्मान में शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया गया.

इसके बाद यूनेस्को (UNESCO) ने 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में घोषित किया था तभी से 5 अक्टूबर को वर्ल्ड टीचर्स डे मनाया जाता है. 

वर्ष 1966 में यूनेस्को और इंटरनेशनल लेबर आर्गेनाइजेशन (ILO) ने मिलकर शिक्षकों की स्थिति व उनकी भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए विचार किया. 

वर्ष 1966 को एक इंटरगवर्नमेंटल कांफ्रेंस हुई थी जहाँ “टीचिंग इन फ्रीडम” संधि पर सिग्नेचर किए गए थे. इस संधि में शिक्षकों के मूल अधिकारों की बात व उनकी ज़िम्मेदारियों और रोज़गार संबंधित संदर्भ एवम् शिक्षक के टीचिंग संबंधित मुद्दों पर बात की गई थी. जिससे उसमें सुधार व उनसे जुड़ी समस्या का समाधान हो सके.

वर्ल्ड टीचर्स डे को मनाने के लिए 100 देशों ने समर्थन दिया, जिसे यूनेस्को ने पारित किया था. तभी से 5 अक्टूबर वर्ष 1994 को वर्ल्ड टीचर्स डे के रूप में मनाने लगे. विश्व में टीचर्स की अपनी एक विशेष जगह है जिसके दर्शन वर्ल्ड टीचर्स डे के रूप में हो जाते हैं. 

वर्ल्ड टीचर्स डे विभिन्न देशों में विभिन्न तारीखों को मनाया जाता है. लेकिन मुख्य रूप से टीचर्स डे के रूप में 5 सितंबर व वर्ल्ड टीचर्स डे के रूप 5 अक्टूबर ज्यादा प्रसिद्ध हैं. 

इस दिन शिक्षकों को उनके कार्य के प्रति एवं रिटायर्ड टीचर्स को उनके शिक्षा के प्रति विशिष्ट समर्पण एवं योगदान के लिए सम्मान दिया जाता है. कई जगह पुरस्कृत भी किया जाता है.

जीवन में शिक्षक की क्या अहमियत होती है? किस प्रकार शिक्षक शिष्य की जिंदगी को अपने ज्ञान से एक नया मोड़ देते हैं? जीवन की सीख शिक्षक के माध्यम से दी जाती है. शिक्षक एक मार्ग प्रदर्शक के रूप में और दोस्त व शुभचिंतक साथ ही गुरु एवम् निर्देशक के रूप में अपनी विभिन्न भूमिका निभाता है.

एक शिक्षक का उद्देश्य सिर्फ शिष्य की उन्नति और उसकी सफलता से जुड़ा हुआ होता है. शिष्य की कामयाबी से शिक्षक का दिल खुशी से बाग-बाग हो जाता है. उन्हें ऐसा अनुभव होता है जैसे उनका पढ़ाया सार्थक हो गया हो.

शिक्षक या गुरु हमारे जीवन को सही दिशा देते हैं. जीवन में प्रथम गुरु माता-पिता अहम हैं, उतने ही अहम हैं ज्ञान की ज्योति से जीवन में प्रकाश करने वाले शिक्षक. इस लेख में “World Teachers Day Speech in Hindi” दिया गया है साथ ही महत्वपूर्ण संदर्भ को बताया गया है. 

तो मित्रों मुझे आशा है वर्ल्ड टीचर्स डे की महत्वपूर्णता बताता ये लेख आपको उचित ज्ञान देगा.

विश्व शिक्षक दिवस पर भाषण [2]

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, प्रिय गुरुजन, सम्माननीय अतिथिगण और मेरे प्यारे दोस्तों, सबसे पहले आप सभी को मेरा नमस्कार. जैसा की आप सभी को अच्छे से याद होगा की विश्व भर में हर साल 05 अक्टूबर के दिन विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है, और आज भी हम सभी यहां पर इसी दिवस को मनाने के लिए एकत्रित हुए है.

हमारे जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है और जब बात शिक्षा की आती है तो शिक्षक की भूमिका का महत्वपूर्ण पक्ष हमारे सामने अनायास ही आ जाता है. इन दोनों की महत्वपूर्णता को उजागर करने के लिए वर्ल्ड टीचर्स डे विश्व भर में मनाया जाता है.

हमारे प्रथम गुरु माता-पिता ही होते हैं जो हमें इस दुनिया में लाते हैं. माता-पिता की छाँव में बच्चे सीखते हैं व संस्कार ग्रहण करते हैं. बच्चा जब बड़ा होता है. तो उसका सामना समाज व जीवन की वास्तविकता से होता है तब शिक्षक अपने ज्ञान और मार्गदर्शन के रूप में आगे बढ़ने में सही राह दिखाते हैं. वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षक को समर्पित इसी भावना को दर्शाता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षकों के सम्मान का दिन है. उनकी ज़िम्मेदारियों की विशेष भूमिका को प्रदर्शित करता है. शिक्षक शिष्य के जीवन को एक नई राह देते हैं. अपनी मेहनत और प्रयास से शिक्षा के महत्व को स्थापित करते हैं. शिष्य को अक्षर ज्ञान देते हैं व शिक्षित करते हैं ताकि जीवन में शिष्य प्रगति कर सकें.

वर्ल्ड टीचर्स डे 5 अक्टूबर को विश्वभर में मनाया जाता है. कई देशों में यह विभिन्न तारीखों को मनाया जाता है. ये भारत में 5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति एवं शिक्षाशास्त्री डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. 

5 अक्टूबर को शिक्षकों की, शिक्षा में भूमिका की महत्ता को दर्शाने व उनके कार्य की सराहना स्वरूप 5 अक्टूबर को वर्ल्ड टीचर्स डे मनाया जाता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे वर्ष 1994 को 5 अक्टूबर के दिन यूनेस्को द्वारा घोषित किया गया था तभी से विश्व में 5 अक्टूबर को वर्ल्ड टीचर्स डे मनाया जाता है. इस दिन वर्ष 1966 में आईएलओ एवं यूनेस्को ने शिक्षकों की विभिन्न स्थिति के तहत एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे. विश्व के करीब 100 देशों ने इस दिन को वर्ल्ड टीचर्स डे के रूप में समर्थन दिया था.

शिक्षकों की शिक्षा के प्रति योगदान व उनके विकास को केंद्र में रखकर 5 अक्टूबर सन् 1994 को इंटरनेशनल टीचर्स डे के रूप में मनाया गया था. वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने के पीछे शिक्षा के विकास व लक्ष्य के तहत शिक्षकों को सम्मान दिलाना और शिक्षा के प्रति समर्पित शिक्षक उपलब्धियों व गुणवत्ता युक्त शिक्षकों को समक्ष लाना भी था.

वर्ल्ड टीचर्स डे यूनिसेफ (UNICEF), इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन और यूएनडीपी के साथ साथ इंटरनेशनल एजुकेशन सभी एक साथ मिलकर आयोजित करते हैं. सुधार स्वरूप शिक्षकों के लिए शिक्षा एवं रोज़गार के अंतर्गत एजुकेशनल आर्गेनाइजेशन को सम्मिलित किया गया था. 

कनाडा पोस्ट द्वारा 2002 में वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने के लिए डाक टिकट रिलीज़ किया गया था.

वर्ल्ड टीचर्स डे के दिन कई जगहों पर शिक्षकों को उनके कार्य स्वरूप सम्मानित किया जाता है. कई जगह सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं. हर वर्ष यूनेस्को द्वारा चयनित एक थीम सोचकर टीचर्स डे मनाया जाता है.

वर्ष 2017 में थीम का नाम एंपावरिंग टीचर्स था. वहीं वर्ष 2018 में  थीम द राइट टू एजुकेशन मींस द राइट टू ए क्वालिफाइड टीचर्स थी. इसी तरह वर्ष 2019 की थीम थी यंग टीचर्स द फ्यूचर ऑफ द प्रोफेशन. वर्ष 2020 की थीम का नाम टीचर्स लीडिंग इंक्रिसिस रीमेजिनिंग द फ्यूचर था. वहीं वर्ष 2021 की थीम टीचर्स एट द हार्ट ऑफ एजुकेशन रिकवरी थी. 

वर्ल्ड टीचर्स डे के दिन को समाज में शिक्षकों की भूमिका और छात्रों के विकास में शिक्षकों की समझदारी का परिचायक माना जाता है. इस दिवस के दिन कई समारोह का उद्घाटन होता है. इस दिन को शिक्षकों को समर्पित मुख्य दिन माना जाता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे विश्व भर में शिक्षकों की शिक्षा के प्रति योगदान व उनकी ज़िम्मेदारियों को दर्शाता है साथ ही उनके विकास एवं रोज़गार के क्षेत्र में सुधार को भी महत्व दिया जाता है. उनका लक्ष्य अपने प्रत्येक शिष्य को उन्नति के पथ पर चढ़ते हुए देखना और उनकी सफलता की कामना करना ही होता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षकों को समर्पित है जो उनके कर्तव्य और मेहनत एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उन्नति व सुधार  को प्रमुखता देता है. इस लेख में वर्ल्ड टीचर्स डे के बारे में बताया गया है जो शिक्षकों की महत्वपूर्णता को प्रदर्शित करता है. इस लेख के माध्यम से आप वर्ल्ड टीचर्स डे के बारे में सही जानकारी जान पायेगें.

Speech on World Teachers Day in Hindi [3]

यहां पर उपस्थित अथिति महोदय, प्रधानाचार्य जी, उपप्रधानाचार्य जी, अध्यापकगण, मेरे प्यारे मित्रों, भाइयों और बहनों, आप सभी को सर्वप्रथम विश्व शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर विश्व शिक्षक दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं. 

जैसा की आप सभी को बहुत अच्छे से ज्ञात होगा की आज हम सभी यहां पर विश्व शिक्षक दिवस के मौके से अपने शिक्षकों के योगदान को याद करने के लिए एकत्रित हुए हैं.

शिक्षक और शिष्य की डोर शिक्षा से जुड़ी है. शिक्षा जीवन में रोशनी ले आती है. शिक्षा जीवन के लिए ज़रूरी है. वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षकों के सम्मान एवं उनकी शिक्षा के प्रति निभाई गई भूमिका को उजागर करता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे मुख्य रूप से शिक्षकों को समर्पित स्वरूप को प्रस्तुत करता है. एक शिक्षक शिष्य का दोस्त भी होता है तो उसका मार्गदर्शक भी होता है जो गुरु स्वरूप सही राह दिखाता है और सच्चा शुभचिंतक बन हमेशा सफलता की कामना करता है. उनके संपूर्ण कार्य विधि को महत्व देने व उनकी महत्वपूर्णता को बनाए रखने के लिए वर्ल्ड टीचर्स डे मनाया जाता है.

माता-पिता बच्चों के प्रथम गुरु माने जाते हैं. बच्चा माता-पिता के संरक्षण में पलता है, बड़ा होता है, सीख प्राप्त करता है संस्कार ग्रहण करता है. 

उसी प्रकार शिक्षक अपने छात्र/ छात्राओं को उसके जीवन के अंधकार समान मुश्किल स्थिति में रोशनी बनकर सही राह दिखाते हैं. शिक्षक बच्चों को समाज में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं. कठिन परिस्थिति में भी पथ प्रदर्शक बन सही राह दिखाते हैं. उनके इसी समर्पण भावना को समर्पित है वर्ल्ड टीचर्स डे.

वर्ल्ड टीचर्स डे यूनेस्को द्वारा 5 अक्टूबर 1994 को घोषित किए जाने के बाद से विश्व भर में मनाया जाता है. भारत में 5 सितंबर को टीचर्स डे के रूप में स्वर्गीय पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति व शिक्षा गुरु सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं और 5 अक्टूबर को वर्ल्ड टीचर्स डे के रूप में मनाया जाता है.

शिक्षकों के सम्मान के रूप में वर्ल्ड टीचर्स डे विश्व के उच्च स्तर पर मनाया जाने वाला कार्यक्रम है जो हर वर्ष 5 अक्टूबर को मनाया जाता है. जिसे इंटरनेशनल टीचर्स डे भी कहा जाता है. साल 2022 में वर्ल्ड टीचर्स डे का 28वाँ इंटरनेशनल टीचर्स डे मनाया जाएगा. जो भारत के अलावा कई देशों में भी मनाया जाएगा.

वर्ल्ड टीचर्स डे को मनाने का उद्देश्य एक बैठक को स्मृति के पटल पर उभारना है. जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ ने सन् 1966 में एक सभा बुलाई थी. जहाँ शिक्षकों के सम्मान की बात की गई थी व उनके कार्यों की महत्वपूर्ण व निपुणता के अनेक संदर्भों को समक्ष रखा गया था.

वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने के पीछे उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका के प्रति विश्व भर में जागरूकता का प्रसार करना व शिक्षकों के सहयोग की अहमियत को बरकरार रखना है ताकि भविष्य में शिष्य प्रगति की नींव बनाने में समर्पित शिक्षकों का मान रहे.

वर्ल्ड टीचर्स डे 5 अक्टूबर के अलावा अनेक देशों में विभिन्न तारीखों में भी मनाया जाता है जैसे : अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेटिना, सिंगापुर, अल्बानिया, ईरान, इंडोनेशिया, चीन, ब्राजील, मॉरीशस, ब्रिटेन, कुवैत, मालदीव, कतर, रूस, ब्रिटेन आदि देशों में टीचर्स डे मनाया जाता है. 

वर्ल्ड टीचर्स डे वाले दिन शिक्षकों के सम्मान में स्कूल कॉलेजों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते हैं. शिक्षकों की उनकी श्रेष्ठता के लिए पुरस्कृत किया जाता है. कई जगह उत्सव होते हैं व विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. शिष्य शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं ताकि शिक्षकों का आदरपूर्वक सम्मानीय स्थान व महत्वपूर्णता प्रदर्शित हो सके.

वर्ष 1996 में शिक्षकों की स्थिति पर यूनेस्को व इंटरनेशनल लेबर आर्गेनाइजेशन ने मिलकर मीटिंग की थी. सन् 1994 के पश्चात 100 से अधिक देशों में टीचर्स डे मनाया जाने लगा. 

अमेरिका में टीचर्स डे एक सप्ताह तक मनाया जाता है. 

सन 1997 ई में भी एक सम्मेलन में शिक्षकों की शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी. शिक्षा के महत्व स्वरूप शिक्षकों के स्तर को उच्चतर बनाने स्वरूप भी यह दिवस मनाया जाता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने के पीछे मूल उद्देश्य शिक्षा स्तर को बढ़ाना एवम् शिक्षकों के स्तर को बेहतर बनाना है. शिक्षकों के रोज़गार स्वरुप उनके मूल्यांकन व सुधार की भावना के तहत यूनेस्को व ईआई (एजुकेशन इंटरनेशनल) अनेक विषयों पर हर साल अभियान चलाते हैं. 

भविष्य की नींव रखने वाले बच्चों व समाज के विकास में शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा है.

शिक्षकों के अधिकार शिक्षा के अधिकार स्वरूप ही हैं जिसमें अनुभवी व योग्य शिक्षकों की छाप दिखाई पड़ती है. इन अधिकारों के अंतर्गत सन् 1948 में सार्वजनिक घोषणा के तहत 70वीं वर्षगांठ मनाई गई थी जिसे याद स्वरूप शिक्षकों की योग्यता व अनुभव को मुख्य माना जाता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे सर्वसम्मिलित समर्थन एवं सभी के द्वारा शिक्षकों के प्रति सम्मान को दर्शाता है. शिक्षकों के अधिकार एवं देश विदेश में शिक्षकों के रोज़गार संदर्भ को ध्यान में रखकर वर्ल्ड टीचर्स डे के उद्देश्य स्वरूप मनाया जाता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे लेबर आर्गेनाइजेशन व यूनिसेफ और एजुकेशन इंटरनेशनल सब मिलकर मनाते हैं जिसमें थीम भी रखी जाती है.

वर्ल्ड टीचर्स डे एक आव्हान समान है जो बताता है कि शिक्षक शिष्य उन्नति व देश के विकास के लिए कितने ज़रूरी हैं. शिक्षकों की दशा एवं उनकी अहमियत सर्वोपरि है जो कल के भविष्य बच्चों के जीवन को रोशनी देते हैं और एक आदर्श प्रस्तुत करते हैं.

विश्व शिक्षक दिवस पर निबंध (World Teachers Day Essay in Hindi)

शिक्षा (education), जिस प्रकार इंसान के जीवन को निखार देती है उसी प्रकार शिक्षक के माध्यम से शिष्य की जिंदगी सँवर जाती है. शिक्षक सफलता के लिए सही मार्गदर्शन देते हैं. शिष्य के भविष्य में उन्नति की ओर राह प्रशस्त करते हैं.

शिक्षक का मुख्य उद्देश्य शिष्य की प्रगति व उनका व्यक्तित्व विकास (personality development) और सफलता ही होता है. वर्ल्ड टीचर्स डे इसी भावना को महत्व देता है व शिक्षक को आदर्श स्वरूप सम्मानीय अधिकार देता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षकों की महत्ता को दर्शाता है. वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षा के प्रति उनकी समर्पण भावना को प्रदर्शित करता है व उनके कार्य को प्रोत्साहित करता है. वर्ल्ड टीचर्स डे को इंटरनेशनल टीचर्स डे भी कहा जाता है जो विश्व भर के शिक्षकों की शिक्षा के प्रति विशिष्ट भावना को कायम रखता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे यूनेस्को द्वारा घोषित सन् 1944 को 5 अक्टूबर के दिन मनाया जाता है. भारत में 5 सितंबर को टीचर्स डे का दिन माना जाता है जो पूर्व राष्ट्रपति व शिक्षा गुरु सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर संपूर्ण भारत में मनाया जाता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे 5 अक्टूबर को होता है, लेकिन अनेक देशों में टीचर्स डे अलग-अलग तारीख में मनाया जाता है. टीचर्स डे को शिक्षकों के सम्मान का दिन भी माना जाता है जो शिक्षकों की महत्ता को बनाए रखता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे विश्व के शिक्षकों के योगदान और शिक्षा के महत्व एवम् शिक्षकों की विशेष भूमिका को दर्शाने के लिए मनाया जाता है. वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षकों की जिम्मेदारियाँ एवं सहयोग की भावना को मूल रूप देता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे यूनेस्को में 1994 में विश्व भर में मनाना शुरू किया था. चीन ने टीचर्स डे की शुरुवात 1931 में की थी जो बाद में 1932 में 27 अगस्त को टीचर्स डे के रूप में मनाने की घोषणा हुई थी लेकिन फिर तारीख बदलकर 10 सितंबर हो गई थी.

रूस में 5 अक्टूबर को टीचर्स डे मनाया जाता है. जबकि ईरान में 2 मई को व अमेरिका में भी मई महीने के पहले हफ्ते टीचर्स डे मनाना तय हुआ था जो 1 हफ्ते तक मनाया जाता है.

वर्ल्ड टीचर्स डे 5 अक्टूबर को मनाने की घोषणा की गई थी. 5 अक्टूबर 1966 के दिन पेरिस में एक इंटर गवर्नमेंट कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी जिसमें टीचिंग इन फ्रीडम संधि पर सिग्नेचर किए गए थे.

जिसमें शिक्षकों की महत्त्वपूर्णता और उनके कार्य की विशिष्टता एवं शिष्य व समाज के प्रति उनकी भूमिका के कई संदर्भ को चर्चा का विषय बनाया गया. शिक्षा व शिक्षक के विकास व उन्नति को महत्व दिया गया था.

वर्ल्ड टीचर्स डे को मनाने का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को विश्व भर में सम्मान देना एवं शिक्षा के प्रति शिक्षकों की भूमिका को प्रदर्शित करना है. वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षकों के रोज़गार एवं उनके कार्यों के प्रति सही कदम उठाने की ओर प्रेरित करता है.

सन् 1997 में भी शिक्षा के उच्च स्तर व शिक्षकों की स्थिति में उन्नति के कई मुद्दों को ध्यान में रखकर चर्चा की गई थी. वर्ल्ड टीचर्स डे दुनिया भर में मनाने के पीछे शिक्षकों की महत्वपूर्णता को समझने एवं शिक्षा के क्षेत्र में भूमिका को महत्व देना है. 

वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने के पीछे एक कारण यह भी रहा कि संयुक्त राष्ट्र के द्वारा शिक्षकों के संदर्भ में चार मुख्य लक्ष्य शिक्षक सम्मान, उनकी समर्पित भूमिका, शिक्षक उपलब्धि और शिक्षा संबंधित श्रेष्ठ शिक्षक को समक्ष लाना था.

वर्ल्ड टीचर्स डे का आयोजन यूएनडीपी व यूनिसेफ एवं इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन और इंटरनेशनल एजुकेशन सभी मिलकर करते हैं. वर्ष 1994 की घोषणा के पश्चात लगभग 100 से भी अधिक देश इस दिन को मनाते हैं वह समर्थन भी दिया था.

12 अक्टूबर, 1997 को आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में यूनेस्को ने एक डॉक्युमेंट को एक्सेप्ट किया था जिसमें सुधार व करेक्शन भी किया गया था. जिसका मूल केंद्र शिक्षक रोज़गार, संदर्भ, शिक्षा एवं एजुकेशनल ऑर्गेनाइजेशन के स्टैंडर्ड में बदलाव लाना था. 

वर्ष 2002 में एक डाक टिकट जारी की गई थी जो कनाडा पोस्ट ने वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने के लिए जारी की थी.

वर्ल्ड टीचर्स डे को यूनेस्को द्वारा चयनित किसी विशेष थीम के अंतर्गत मनाया जाता है. यह थीम अलग अलग वर्षों में चुनी जाती थी और थीम के आधार पर कार्यक्रम आयोजित होते हैं.

वर्ल्ड टीचर्स डे साल 1966 में ईएलओ/ यूनेस्को द्वारा घोषित एक कार्यक्रम के रूप में मनाया जाता है. इसमें यूनेस्को द्वारा शिक्षकों की भर्ती, वैकेंसी, रिक्वायरमेंट, जॉब, राइट्स, रिस्पॉन्सिबिलिटीज़ को ध्यान में रखकर शिक्षा एवं शिक्षकों की विभिन्न स्थितियों के बारे में चर्चा की गई थी.

शिक्षकों को हर राष्ट्र महत्व देता है. सभी देश अपने अपने हिसाब से टीचर्स डे मनाते हैं. भारत में 5 सितंबर व वर्ल्ड टीचर्स डे 5 अक्टूबर को मनाते हैं. टीचर्स डे की शुरुवात सबसे पहले चीन में की गई थी जिसे मनाने के लिए शुरुवात सन् 1931 में हुई थी.

बाद में 27 अगस्त की तारीख को माना गया लेकिन बाद में वर्ष 1985 में 10 सितंबर को कंफ्यूशियास के जन्मदिन को टीचर्स डे के रूप में मनाया जाने लगा. रूस में शिक्षक दिवस अलग तारीख को मनाया जाता है और यूनेस्को ने वर्ष 1994 में 5 अक्टूबर के दिन को वर्ल्ड टीचर्स डे के रूप में मनाने की शुरुवात की थी.

वर्ल्ड टीचर्स डे के तहत वर्ष 1997 में 11 नवंबर के दिन यूनेस्को के 29 दिन पूरे होने के दौरान शिक्षा के उच्च स्तर एवं शिक्षा के क्षेत्रों में शिक्षकों के रोज़गार संदर्भ को प्रमुखता दी गई थी.

वर्ल्ड टीचर्स डे के दिन अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस मौके पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं व सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं. स्कूल कॉलेजों में शिक्षकों को उनकी श्रेष्ठता के लिए पुरस्कृत भी किया जाता है. शिक्षकों की महत्त्वपूर्णता को बनाए रखने के लिए कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं. 

वर्ल्ड टीचर्स डे शिक्षकों के नाम समर्पित है. इस दिन शिक्षा की महत्ता एवं शिक्षकों के ही विभिन्न संदर्भों को दर्शाया जाता है.

उम्मीद है कि आपको इस पोस्ट में विश्व शिक्षक दिवस पर दी गई जानकारी, भाषण (World Teachers Day Speech in Hindi) और निबंध उपयोगी लगा होगा. अगर आपका इससे जुड़ा कोई प्रश्न है तो कॉमेंट में जरूर पूछें एवं इस पोस्ट को उन लोगों तक शेयर करें जो विश्व शिक्षक दिवस पर भाषण देना चाहते हैं.

World Teachers Day Speech in Hindi – FAQs

इस साल विश्व शिक्षक दिवस की थीम (world Teacher’s day Theme 2022) क्या है?

इस साल विश्व शिक्षक दिवस की थीम (World Teacher’s Day Theme 2022) “Teachers at the heart of education recovery” है.

5 अक्टूबर को कौनसा दिवस मनाया जाता है?

5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस (World Teacher’s Day) मनाया जाता है.

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